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तालिबान के अमीर मुल्ला हिबतुल्ला अखुंदजादा का बेटा ने सुसाइड बम बनकर की थी लोगों की हत्या

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: September 8, 2021 19:49 IST

तालिबान के धार्मिक नेता अमीर मुल्ला हिबतुल्ला अखुंदजादा ने अफगानिस्तान के नए मंत्रिमंडल की घोषणा के कुछ घंटे बाद एक बयान जारी कर कहा कि नया मंत्रिमंडल अपना काम तुरंत शुरू कर देगा।

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ठळक मुद्दे‘रहबरी शूरा’ के प्रमुख अमीर मुल्ला हिबतुल्ला अखुंदजादा प्रधानमंत्री होंगे।मुल्ला अब्दुल गनी बरादर उप प्रधानमंत्री होंगे।मंत्रिमडल में एक भी महिला सदस्य नहीं है।

काबुलः तालिबान ने मंगलवार को अफगानिस्तान की कार्यवाहक सरकार के मंत्रिमंडल की घोषणा करते हुए अमीर मुल्ला हिबतुल्ला अखुंदजादा को प्रधानमंत्री नियुक्त किया है।

 

अफगान तालिबान के अमीर मुल्ला हिबतुल्ला अखुंदजादा के बेटे अब्दुर्रहमान अफगान ने खुद सुसाइड बम बनकर कई लोगों की हत्या की थी। दक्षिणी प्रांत हेलमंद में अफगान बलों को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले में खुद को मार डाला था। यह 2017 की बात है। 

20 जुलाई 2017 को अमीर मुल्ला हिबतुल्ला अखुंदजादा का बेटा अब्दुर्रहमान अफगान मिलिट्री बेस पर एक सुसाइड अटैक करते हुए मारा गया। अगस्त 2019 में अखुंदजादा का भाई हाफिद अखुंदजादा भी बम हमले में मारा गया। बम बिस्फोट में परिवार के कई जन मारे गए।

मंत्रिमंडल में अमेरिका नीत गठबंधन और तत्कालीन अफगान सरकार के सहयोगियों के खिलाफ 20 साल तक चली जंग में दबदबा रखने वाली तालिबान की शीर्ष हस्तियों को शामिल किया गया है। इसमें वैश्विक स्तर पर आतंकी नामित किए गए हक्कानी नेटवर्क के एक नेता को गृह मंत्री का प्रभार सौंपा गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के शीर्ष नेता मुल्ला हेबतुल्लाह अखुंदजादा ने खुद अफगानिस्तान के नए प्रमुख के रूप में मुल्ला हसन का नाम प्रस्तावित किया। तालिबान के पिछले शासन के अंतिम वर्षों में अखुंद ने अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर काबुल में तालिबान की सरकार का नेतृत्व किया था।

मुल्ला हसन तालिबान के शुरुआती स्थल कंधार से ताल्लुक रखते हैं और सशस्त्र आंदोलन के संस्थापकों में से हैं। उन्होंने ‘रहबरी शूरा’ के प्रमुख के रूप में 20 साल तक काम किया और मुल्ला हेबतुल्लाह के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने 1996 से 2001 तक अफगानिस्तान में तालिबान की पिछली सरकार के दौरान विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था।

सिराजुद्दीन हक्कानी का नाम वैश्विक स्तर के आतंकवादियों की सूची में है। अमेरिका ने उसके बारे में सूचना पर 50 लाख डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की वेबसाइट के अनुसार, 2008 में अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई की हत्या के प्रयास की साजिश में भी वह कथित रूप से शामिल था। 

टॅग्स :अफगानिस्तानतालिबानअमेरिकापाकिस्तान
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