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तालिबान ने दक्षिण अफगानिस्तान की प्रांतीय राजधानी के 10 में से नौ जिलों पर कब्जा किया

By भाषा | Updated: August 3, 2021 20:27 IST

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काबुल, तीन अगस्त (एपी) दक्षिण अफगानिस्तान में तालिबान का आगे बढ़ना मंगलवार को भी जारी रहा और उसने हेलमंद प्रांत की राजधानी के 10 में से नौ जिलों पर कब्ज़ा कर लिया। निवासियों और अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। वहीं, अफगान बलों ने अमेरिका की मदद से लश्कर गाह शहर को बचाने के लिए हवाई हमले किए।

लश्कर गाह का हाथ से निकलना तालिबान के आक्रमण का प्रमुख

अहम मोड़ होगा जिसने युद्धग्रस्त देश से अमेरिका और नाटो के बलों की वापसी के बीच पिछले कई महीनों से हमले तेज़ कर दिए हैं। यह तालिबान द्वारा कब्जा की जाने वाली पहली प्रांतीय राजधानी होगा।

शहर के निवासियों ने ‘द एसोसिएटिड प्रेस’ से फोन पर बात करते हुए कहा कि लड़ाई ने उन्हें घरों में कैद कर दिया है और वे बुनियादी सामान के लिए भी घरों से नहीं निकल पा रहे हैं। उनका कहना है कि तालिबान के लड़ाके सड़कों पर खुलेआम घूम रहे हैं और लश्कर गाह के एक जिले को छोड़कर सभी पर उसका नियंत्रण हो गया है।

अफगान बलों की मदद के लिए काबुल से विशिष्ट कमांडों की इकाई को भेजा गया है। सरकार का स्थानीय पुलिस और सेना मुख्यालय समेत अहम सरकारी इमारतों पर कब्जा है।

हेलमंद प्रांतीय परिषद के उपाध्यक्ष मजीद अखूंद ने पुष्टि की कि तालिबान ने लश्कर गाह के नौ जिलों और शहर के टीवी तथा रेडियो स्टेशन पर कब्जा कर लिया और उनका प्रसारण बंद हो गया है।

हेलमंद में अफगान बलों के कमांडर सामी सदात ने मंगलवार को पत्रकारों से साझा किए एक संदेश में तालिबान के कब्जे में आए इलाके में रहने वाले लोगों से कहा, “ कृपया अपने परिवारों को लेकर वहां से निकल जाएं। हम तालिबान को जिंदा नहीं छोड़ेंगे… मैं जानता हूं कि यह मुश्किल है.. हम यह आपके भविष्य के लिए कर रहे हैं।” वह इस अपील से और हवाई हमलों का संकेत दे रहे हैं।

लश्कर गाह तीन प्रांतों की राजधानी में एक है जिसकी तालिबान ने घेराबंदी की हुई है। हेलमंद के अलावा कंधार और हेरात प्रांत की राजधानी की भी तालिबान ने घेराबंदी की हुई है। तालिबान ने सरकारी बलों के खिलाफ हमले तेज़ कर दिए हैं। हाल के महीनों में, तालिबान ने देशभर में दर्जनों जिलों पर कब्ज़ा कर लिया है, जिनमें से कई दूरदराज़ और ग्रामीण इलाकों में हैं।

तालिबान ने प्रांतीय राजधानियों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। उधर, अमेरिका और नाटों के 95 फीसदी सैनिक वापस जा चुके हैं और शेष सैनिकों के 31 अगस्त तक अफगानिस्तान से लौटने की उम्मीद है।

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने सोमवार को देश में खराब होती सुरक्षा स्थिति के लिए अमेरिका और नाटो सैनिकों के जल्दबाजी में लौटने को जिम्मेदार ठहराया।

हेरात प्रांत की राजधानी में मंगलवार को अफगान बल तालिबान को पीछे धकेलते दिखे। हेरात का नागरिक हवाई अड्डा फिर से खोल दिया गया है। इस बीच देश में संयुक्त राष्ट्र के मिशन ने ट्विटर पर मंगलवार को अपील की कि घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में तुरंत लड़ाई बंद की जाए। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि बीते तीन दिन में लश्कर गाह में 10 नागरिकों की मौत हो गई है और 85 जख्मी हुए हैं। कंधार में पांच नागरिक मारे गए हैं और 42 घायल हुए हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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