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लॉस एंजिलिस में तहव्वुर राणा के व्यक्तिगत प्रत्यर्पण पर सुनवाई की तैयारी

By भाषा | Updated: June 24, 2021 08:43 IST

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वाशिंगटन, 24 जून लॉस एंजिलिस में एक संघीय अदालत ने पाकिस्तानी मूल के कनाडाई कारोबारी तहव्वुर राणा के व्यक्तिगत प्रत्यर्पण के मामले में तारीख तय कर ली है। भारत में 2008 में मुंबई आतंकवादी हमले में संलिप्तता के कारण वह वांछित है।

भारत सरकार के अनुरोध पर प्रत्यर्पण की सुनवाई लॉस एंजिलिस में मजिस्ट्रेट्र जज जैकलीन चुलजियान करेंगी। अदालत के रिकॉर्ड बताते हैं कि अमेरिकी सरकार ने इस सप्ताह दो बार अदालत के समक्ष सीलबंद भारतीय दस्तावेज सौंपे हैं। एक दस्तावेज बुधवार को सौंपा गया। अनुरोध पर दस्तावेजों की सामग्री को सीलबंद किया गया है। प्रत्यर्पण पर सुनवाई स्थानीय समयानुसार दिन में डेढ़ बजे और अंतरराष्ट्रीय समयानुसार शुक्रवार, 25 जून को रात दो बजे होगी।

यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया के अदालतकक्ष के उपलिपिक ने बृहस्पतिवार के लिए निर्धारित सुनवाई सूची के बारे में बताया जिसमें अमेरिका सरकार बनाम तहव्वुर राणा (व्यक्तिगत हिरासत) भी शामिल है।

अमेरिका ने अदालत के समक्ष कई अभिवेदनों में ‘‘प्रत्यर्पण के प्रमाणन संबंधी अनुरोध के पक्ष में अमेरिका के जवाब’’ के समर्थन में घोषणा की है। राणा 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले में शामिल होने के मामले में भारत में वांछित है।

राणा लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली का बचपन का दोस्त है। भारत के अनुरोध पर राणा को मुंबई आतंकवादी हमले में संलिप्तता के आरोप में लॉस एंजिलिस में 10 जून, 2020 को फिर से गिरफ्तार किया गया था। मुंबई हमले में छह अमेरिकी नागरिकों समेत 166 लोग मारे गये थे। भारत ने उसे भगोड़ा घोषित किया है।

पाकिस्तानी मूल का 60 वर्षीय अमेरिकी नागरिक हेडली 2008 के मुंबई हमलों की साजिश रचने में शामिल था। वह मामले में गवाह बन गया था और हमले में अपनी भूमिका के लिए वर्तमान में अमेरिका में 35 साल जेल की सजा काट रहा है।

अमेरिका का कहना है कि 59 वर्षीय राणा का भारत में प्रत्यर्पण भारत और अमेरिका के बीच हुई प्रत्यर्पण संधि के अनुरूप है। भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि के मुताबिक, भारत सरकार ने राणा के औपचारिक प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है और अमेरिका ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अमेरिका सरकार ने दलील दी है कि भारत प्रत्यर्पण के लिए राणा सभी मापदंडों को पूरा करता है। अमेरिका ने कहा कि वह राणा को भारत प्रत्यर्पित करने के लिए प्रमाणन का अनुरोध करता है और प्रत्यर्पण अनुरोध में संभावित कारण स्थापित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं तथा राणा ने भारत के अनुरोध को खारिज करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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