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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ब्रिटिश समकक्ष जॉनसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की

By भाषा | Updated: November 1, 2021 22:06 IST

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(अदिति खन्ना)

ग्लासगो, एक नवंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को यहां ‘सीओपी-26’ जलवायु शिखर सम्मेलन से इतर अपने ब्रिटिश समकक्ष बोरिस जॉनसन से मुलाकात की और इस दौरान दोनों नेताओं ने हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था और रक्षा आदि क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों को लेकर विचार-विमर्श किया।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कोविड महामारी के कारण इस साल दो बार अपनी भारत यात्रा रद्द कर दी थी। उसके बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात थी।

‘सीओपी-26’ में विश्व नेताओं के सम्मेलन के उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद यह मुलाकात निर्धारित की गयी थी। इसमें ब्रिटेन-भारत जलवायु साझेदारी के साथ-साथ दोनों देशों के मजबूत रणनीतिक संबंधों के लिए 2030 के रोडमैप की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाना था।

प्रधानमंत्री मोदी ने जॉनसन को ‘सीओपी-26’ के सफल आयोजन और जलवायु परिवर्तन के संबंध में वैश्विक कार्रवाई में उनके व्यक्तिगत नेतृत्व के लिए बधाई दी।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु वित्त, प्रौद्योगिकी, नवाचार और हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय और स्वच्छ प्रौद्योगिकियों के संबंध में ब्रिटेन के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने विशेष रूप से व्यापार और अर्थव्यवस्था, लोगों से लोगों के संपर्क, स्वास्थ्य, रक्षा और सुरक्षा क्षेत्रों सहित ‘रोडमैप 2030’ प्राथमिकताओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की। बयान के अनुसार उन्होंने मुक्‍त व्‍यापार करार वार्ता शुरू करने की दिशा में उठाए गए कदमों सहित संवर्धित व्‍यापार साझेदारी में हुई प्रगति पर संतोष जताया।

दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान, आतंकवाद से मुकाबला, हिंद-प्रशांत, आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन और कोविड महामारी के बाद वैश्विक आर्थिक बहाली सहित क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया।

इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने जल्दी ही भारत में जॉनसन का स्वागत करने की इच्छा दोहराई।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अपेक्षाकृत संक्षिप्त बातचीत में विचारों के आदान-प्रदान और द्विपक्षीय संबंधों का जायजा लेने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

प्रधानमंत्री स्तरीय वार्ता से पहले ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त गायत्री इस्सर कुमार ने कहा, "दोनों सरकारें तय समयसीमा के अंदर रोडमैप के कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध हैं। तदनुसार, हम मार्च 2022 में एक अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए नवंबर 2021 में बातचीत शुरू करना चाहते हैं और यदि सब कुछ निर्धारित समय के अनुसार होता है तो नवंबर 2022 तक अंततः व्यापक समझौता हो सकता है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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