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पाकिस्तान से भागकर अमेरिका पहुंची महिला कार्यकर्ता ने खोली पाक की पोल, बताया कैसे किया जा रहा है महिलाओं पर अत्याचार

By भाषा | Updated: September 20, 2019 18:23 IST

पाकिस्तान से भागी महिला कार्यकर्ता गुलालई इस्लामाबाद में रह रहे अपने माता-पिता को लेकर चिंतित हैं जो आतंकवादियों का वित्तपोषण करने के आरोपों का सामना कर रहे हैं और कड़ी निगरानी में हैं।

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ठळक मुद्देइस साल मई महीने से ही फरार गुलालई ने यह नहीं बताया कि वह कैसे पाकिस्तान से भागने में कामयाब हुईं।गुलालई ने याचिका दायर कर उनका नाम ईसीएल में डालने के सरकार के फैसले को चुनौती दी थी।

पाकिस्तान की प्रमुख महिला कार्यकर्ता और कथित राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए देशद्रोह के आरोप का सामना कर रहीं गुलालई इस्माइल भागकर अमेरिका पहुंच गई हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने अमेरिका में राजनीतिक शरण की मांग की है। न्यूयॉर्क टाइम्स में गुरुवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) ने 32 वर्षीय गुलालई का नाम निकास नियंत्रण सूची (ईसीएल) में शामिल करने की सिफारिश की थी लेकिन वह पिछले महीने पाकिस्तान से भागने में कामयाब रहीं और अभी अपनी बहन के साथ ब्रुकलिन में रह रही हैं।

गुलालई इस्माइल ने बताया है कि पाकिस्तान में महिलाओं पर हद से ज्यादा अत्याचार किये जा रहे हैं। महिलाओं का जीना उस देश में काफी मुश्किल है। खास कर हिन्दू महिलाएं पाकिस्तान में बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं। 

इस साल मई महीने से ही फरार गुलालई ने यह नहीं बताया कि वह कैसे पाकिस्तान से भागने में कामयाब हुईं। रिपोर्ट में गुलालई के साक्षात्कार को उद्धृत किया गया, ‘‘ मैंने किसी हवाईअड्डे से उड़ान नहीं भरी, लेकिन मैं इससे ज्यादा आपको कुछ नहीं बता सकती। देश से भागने की कहानी बताने पर कई लोगों की जान खतरे में पड़ जाएगी।’’ पिछले साल नवंबर में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) को सूचना दी गई थी कि आईएसआई ने विदेश में कथित देश विरोधी गतिविधियों के कारण गुलालई का नाम ईसीएल में डालने की सिफारिश की है।

इसके बाद गुलालई ने याचिका दायर कर उनका नाम ईसीएल में डालने के सरकार के फैसले को चुनौती दी थी जिस पर आईएचसी ने उनका नाम हटाने का आदेश दिया। हालांकि, अदालत ने आईएसआई की सिफारिश की पृष्ठभूमि में गृह मंत्रालय को गुलालई का पासपोर्ट जब्त करने सहित उचित कदम उठाने की अनुमति दे दी थी।

गुलालई इस्लामाबाद में रह रहे अपने माता-पिता को लेकर चिंतित हैं जो आतंकवादियों का वित्तपोषण करने के आरोपों का सामना कर रहे हैं और कड़ी निगरानी में हैं। सूचना है कि उन्होंने समर्थन के लिए अमेरिका में कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं के स्टाफ से मुलाकात की है। डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य एवं सीनेटर चार्ल्स शूमर ने कहा कि वह गुलालई को शरण दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। यह स्पष्ट है कि अगर वह पाकिस्तान लौटती हैं तो उनकी जिंदगी को खतरा है। उल्लेखनीय है कि दुनिया के हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए उन्होंने ‘वॉयस फॉर पीस एंड डेमोक्रेसी’ समूह का गठन किया है।

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