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हांगकांग के लोगों के लिये ब्रिटेन की नई नागरिकता वीजा व्यवस्था का रास्ता खुला

By भाषा | Updated: January 31, 2021 17:18 IST

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(अदिति खन्ना)

लंदन, 31 जनवरी हांगकांग के निवासियों के ब्रिटेन आने व त्वरित व्यवस्था के जरिये नागरिक बनने के लिये आवेदन करने का एक नया वीजा मार्ग रविवार को आधिकारिक रूप से खुल गया।

हांगकांग के करीब तीन लाख लोगों के वीजा के लिये आवेदन करने की उम्मीद है। यह व्यवस्था ब्रिटिश नागरिक (अप्रवासी) (बीएन-ओ) पासपोर्ट धारकों और उनके आश्रितों के लिये हैं। चीन के विवादास्पद नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के विरोध में पिछले साल इसकी घोषणा की गई थी।

ब्रिटेन कहता रहा है कि नया कानून चीन-ब्रिटिश संयुक्त घोषणा पत्र का “स्पष्ट और गंभीर उल्लंघन” है। घोषणा-पत्र के तहत ही करीब 23 साल पहले हांगकांग को चीनी अधिकारियों को सौंपा गया था।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा, “मुझे यह बताते हुए बेहद गर्व हो रहा है कि हम हांगकांग बीएन (ओ) के रहने, काम करने और हमारे देश में अपना घर बनाने के लिये यह नयी वीजा व्यवस्था लेकर आए हैं।”

उन्होंने कहा, “ऐसा करके हमने इतिहास के अपने गहरे संबंधों और हांगकांग के लोगों के साथ अपनी दोस्ती का सम्मान किया है तथा हम स्वतंत्रता व स्वायत्तता के लिये खड़े हुए हैं जिसे ब्रिटेन व हांगकांग दोनों ही अहम मानते हैं।”

इस व्यवस्था के तहत बीएन(ओ) दर्जा प्राप्त लोग और उनके परिवार के सदस्य ब्रिटेन में रहने, पढ़ने और काम करने के लिये आ सकेंगे। जैसा कि अन्य वीजा में होता है। ब्रिटेन में पांच साल रहने के बाद वे यहां बसने के लिये आवेदन कर पाते हैं और उसके बाद 12 और महीनों के इंतजार के बाद ब्रिटिश नागरिकता के लिये आवेदन कर पाते हैं।

गृह मंत्री प्रीति पटेल ने कहा, “वैश्विक ब्रिटेन सही के लिये खड़ा होगा और अपनी प्रतिबद्धताओं को बरकरार रखेगा। यह वीजा व्यवस्था हांगकांग के लोगों से किये गए हमारे वादे को पूरा करती है, हमारे मजबूत ऐतिहासिक संबंधों को सम्मान देती है और उनकी स्वतंत्रता को बरकरार रखती है।”

उन्होंने कहा, “मैं ब्रिटेन में उन लोगों के स्वागत का इंतजार कर रही हूं जो यहां अपने परिवार के साथ जड़े जमाना चाहते हैं और नया जीवन शुरू करना चाहते हैं।”

इसकी प्रतिक्रिया में चीन के विदेश मंत्रालय ने हाल में कहा था कि वह अब बीएन(ओ) पासपोर्ट को वैध यात्रा दस्तावेज के तौर पर मान्यता नहीं देता। चीन का कहना है कि हांगकांग में मार्च 2019 में जैसे प्रदर्शन हुए उन्हें रोकने के लिये नया सुरक्षा कानून जरूरी है। इस कानून को लेकर हालांकि दुनियाभर में प्रतिक्रियाएं हुईं और विरोधी इसे चीन के अर्धस्वायत्त क्षेत्र के तौर पर हांगकांग की क्षेत्रीय स्वतंत्रता को कुचलने वाला करार दे रहे हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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