Nepal Protests: नेपाली सेना ने देशव्यापी कर्फ्यू लगाया, पशुपतिनाथ मंदिर आज बंद; तनाव बरकरार
By अंजली चौहान | Updated: September 10, 2025 12:29 IST2025-09-10T12:28:35+5:302025-09-10T12:29:54+5:30
Nepal Protests: नेपाल ने पशुपतिनाथ मंदिर को बंद कर दिया और सेना तैनात कर दी, क्योंकि सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के विरोध में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें 22 लोग मारे गए और 500 घायल हुए।

Nepal Protests: नेपाली सेना ने देशव्यापी कर्फ्यू लगाया, पशुपतिनाथ मंदिर आज बंद; तनाव बरकरार
Nepal Protests: नेपाल में Gen-Z के हिंसक प्रदर्शन के चलते पीएम केपी ओली के इस्तीफे के बाद सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। नेपाली सेना ने कंट्रोल अपने हाथों में ले लिया है और बुधवार को सुबह से शाम पांच बजे तक देशव्यापी प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए और अगले दिन सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लगा दिया है। सेना ने एक बयान में चेतावनी दी कि इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, तोड़फोड़, आगजनी व व्यक्तियों या संपत्ति को निशाना बनाने वाले हमलों को आपराधिक गतिविधि माना जाएगा और उससे निपटा जाएगा।
इसमें कहा गया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश पूरे देश में सुबह से शाम पांच बजे तक प्रभावी रहेंगे और उसके बाद बृहस्पतिवार सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा। सेना ने कहा कि प्रदर्शन की आड़ में लूटपाट, आगजनी और अन्य विनाशकारी गतिविधियों की संभावित घटनाओं को रोकने के लिए ये कदम ज़रूरी हैं। बयान में कहा गया है, ‘‘बलात्कार और हिंसक हमलों का भी खतरा है। देश की सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए, प्रतिबंधात्मक आदेश और कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।’’
#WATCH | Nepal: Visuals of 'Sital Niwas', the Nepali Rashtrapati Bhawan in Kathmandu which was vandalised and set on fire by protesters during the anti-corruption protest. pic.twitter.com/Dcxg5cGZHB
— ANI (@ANI) September 10, 2025
बयान में स्पष्ट किया गया है कि एम्बुलेंस, दमकल, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और सुरक्षा बलों सहित आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों और कर्मियों को प्रतिबंधात्मक आदेशों और कर्फ्यू के दौरान काम करने की अनुमति होगी।
भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर सरकार के प्रतिबंध के खिलाफ सोमवार को ‘जेन-जी’ द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में कम से कम 19 लोगों की मौत के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे की मांग को लेकर उनके कार्यालय में घुस गए थे जिसके तुरंत बाद मंगलवार को उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया।
सोशल मीडिया पर प्रतिबंध सोमवार रात हटा लिया गया था। हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद भी प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने संसद, राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास, सरकारी इमारतों, राजनीतिक दलों के कार्यालयों और वरिष्ठ नेताओं के घरों में आग लगा दी थी।
नेपाल में जेनरेशन ज़ेड का विरोध प्रदर्शन
जनरेशन ज़ेड का विरोध प्रदर्शन कहे जाने वाले ये प्रदर्शन तब शुरू हुए जब सरकार ने फेसबुक, एक्स और यूट्यूब सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यह कहते हुए ब्लॉक कर दिया कि ये कंपनियाँ पंजीकरण कराने और सरकारी निगरानी के अधीन होने में विफल रही हैं।
लेकिन विरोध प्रदर्शनों ने व्यापक असंतोष को प्रतिबिंबित किया। विशेष रूप से, कई युवा इस बात से नाराज़ हैं कि राजनीतिक नेताओं के बच्चे, तथाकथित नेपो किड्स, विलासितापूर्ण जीवन शैली और कई लाभों का आनंद लेते हैं, जबकि अधिकांश युवा काम पाने के लिए संघर्ष करते हैं।
विश्व बैंक के अनुसार, पिछले वर्ष युवा बेरोजगारी दर लगभग 20 प्रतिशत थी, तथा सरकार का अनुमान है कि प्रतिदिन 2,000 से अधिक युवा मध्य पूर्व या दक्षिण-पूर्व एशिया में काम की तलाश में देश छोड़ रहे हैं।