लाइव न्यूज़ :

संघर्ष विराम को राजी होने के कुछ ही मिनट के बाद आर्मीनिया और अजरबैजान ने एक दूसरे पर इसके उल्लंघन का आरोप लगाया

By भाषा | Updated: October 11, 2020 08:38 IST

संघर्ष विराम लागू होने के कुछ ही देर बात आर्मीनिया की सेना ने उसके कापान कस्बे के निकट इलाके में गोलेबारी का अजरबैजान पर आरोप लगाया, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई।

Open in App
ठळक मुद्देआर्मीनिया और अजरबैजान, रूसी हस्तक्षेप के बाद संघर्षविराम लागू करने पर सहमत हो गए संघर्ष विराम लागू होने के कुछ ही मिनटों बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर इसके के उल्लंघन का आरोप लगाया।

मास्को: आर्मीनिया और अजरबैजान, रूसी हस्तक्षेप के बाद नागोरनो-काराबाख में शनिवार की दोपहर से संघर्षविराम लागू करने पर सहमत हो गए लेकिन संघर्ष विराम लागू होने के कुछ ही मिनटों बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर इसके के उल्लंघन का आरोप लगाया। आजरबैजान के शीर्ष राजनयिक ने कहा कि संघर्षविराम लागू ही नहीं हो पाया था।

नागोरनो-काराबाख क्षेत्र में 27 सितंबर को दोनों देशों के बीच संघर्ष शुरू हुआ था। यह क्षेत्र अजरबैजान के तहत आता है लेकिन इस पर स्थानीय आर्मीनियाई बलों का नियंत्रण है। यह 1994 में खत्म हुए युद्ध के बाद इस इलाके में सबसे गंभीर संघर्ष है। इस संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। इस घोषणा से पहले मास्को में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की देखरेख में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच 10 घंटे तक वार्ता हुई थी।

लावरोव ने कहा कि यह संघर्षविराम विवाद निपटाने के लिए वार्ता का मार्ग प्रशस्त करेगा। आर्मीनिया और अजरबैजान के विदेश मंत्रियों के बीच यह वार्ता रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर हुई थी। यदि यह संघर्षविराम जारी रहता है, तो यह रूस का बड़ा राजनयिक कदम साबित होगा। रूस का आर्मीनिया के साथ सुरक्षा करार है और अजरबैजान के साथ भी उसके अच्छे संबंध है। हालांकि, संघर्षविराम के लागू किए जाने की घोषणा के तुरंत बाद आर्मीनिया और अजरबैजान की तरफ से आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।

संघर्ष विराम लागू होने के कुछ ही देर बात आर्मीनिया की सेना ने उसके कापान कस्बे के निकट इलाके में गोलेबारी का अजरबैजान पर आरोप लगाया, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई। अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय ने इन दावों को खारिज कर दिया। दूसरी ओर, अजरबैजान की सेना ने आर्मीनिया पर उसके टेर्टर और अदगाम क्षेत्रों में मिसाइलों से हमले का आरोप लगाया। आर्मीनिया के रक्षा मंत्रालय ने इसे खारिज कर दिया।

दोनों देशों के बीच शुरू हुए ताजा संघर्ष के बाद से आर्मीनिया संघर्ष विराम के लिए तैयार था, जबकि अजरबैजान ने कहा था कि यह तभी संभव होगा, जब आर्मीनिया के बल नागोरनो काराबाख से पीछे हट जाएं। नागोरनो-काराबाख सेना के अनुसार, 27 सितंबर से उसके 404 कर्मी मारे जा चुके हैं। अजरबैजान ने अपने सैन्य नुकसान की जानकारी नहीं दी है। दोनों ओर के सैकड़ों आम नागरिक भी इस दौरान मारे गए हैं। 

टॅग्स :रूस
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वRussia Plane Crash: रूसी सैन्य विमान क्रीमिया में क्रैश, 29 यात्रियों की गई जान, तकनीकी चूक का संदेह

कारोबारअमेरिका-इजराइल ईरान युद्ध के बीच रूस का खामोश खेल

विश्ववोलोडिमिर जेलेंस्की का दावा; रूस-ईरान ने मिलाया हाथ? पेश किए खुफिया सहयोग के सबूत

ज़रा हटकेVladimir Putin घुटनों पर बैठे! गोल्ड मेडलिस्ट को ऐसे सम्मानित किया, वीडियो वायरल

विश्वमुफ्त टिकट और 2600 डॉलर बोनस, स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ दें?, अवैध अप्रवासियों से परेशान ट्रंप, ताजमहल, कोलंबिया और चीन के प्रमुख स्थलों की तस्वीरों का इस्तेमाल?

विश्व अधिक खबरें

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा