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कोविड-19: सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, अमेरिका में रह रहे भारतीयों के लिये वापसी सुगम बनाए भारत

By भाषा | Updated: December 5, 2020 15:57 IST

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न्यूयॉर्क, पांच दिसंबर एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता ने यहां भारतीय अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे कोविड-19 महामारी के बीच स्वास्थ्य व अन्य आकस्मिक वजहों से स्वदेश यात्रा करने के इच्छुक भारतीय मूल के परिवारों को प्रस्थान के लिये आपातकालीन वीजा देने जैसी सुविधाएं प्रदान करें।

भारतीय विमानन सुरक्षा नियामक डीजीसीए ने नियमित अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक यात्री उड़ानों पर रोक को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। यह रोक हालांकि अंतरराष्ट्रीय मालवाहक उड़ानों और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से विशेष अनुमति प्राप्त उड़ानों पर लागू नहीं होगी।

नियमित उड़ानों के अभाव में विदेशी मार्गों पर मई से ही ‘वंदे भारत मिशन’ के तहत विशेष अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा चुनिंदा देशों के साथ द्विपक्षीय ‘एयर बबल’ व्यवस्था के तहत भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन हो रहा है।

जयपुर फुट यूएसए के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने कहा कि उन्होंने विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला के साथ ही नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खोरोला और गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को पत्र लिख उन्हें भारतीय मूल के परिवारों के समक्ष आपातकालीन वजहों से भारत की यात्रा में आ रही मुश्किलों की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि पत्र में कुछ उपाय भी सुझाए गए हैं जिन्हें अपनाकर इन परिवारों की सुगम यात्रा सुनिश्चित की जा सकती है।

भंडारी ने पत्र में कहा कि सूचना में ज्यादा स्पष्टता होनी चाहिए जो यात्रियों को वीजा योग्यता और यात्रा के लिये जरूरी औपचारिकताओं के बारे में बताए।

पत्र में उन्होंने सुझाव दिया कि ‘एयर बबल’ व्यवस्था के तहत भारत के लिये उड़ान भरने वाली सभी विमानन कंपनियों को यह सुनिश्चत करना चाहिए कि विदेशी पासपोर्ट धारक यात्री के पास टिकट बुक कराते समय उचित वीजा हो।

उन्होंने कहा कि एयर बबल कार्यक्रम के तहत प्रमुख एयरलाइनों और संबद्ध सरकारी विभागों को यात्रा के लिये योग्य व अयोग्य वीजा के बारे में अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया मंचों पर प्रचार करना चाहिए।

भंडारी ने कोविड-19 महामारी के दौरान कई फंसे हुए यात्रियों की सुगम वापसी के लिये भारत सरकार द्वारा किये गए प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा, “मई 2020 के बाद धीरे-धीरे यात्रा बहाल करने की दिशा में हुई प्रगति, कई विकल्प उपलब्ध कराना और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना वास्तव में सराहनीय है। इन अथक प्रयासों ने बेहद मुश्किल वक्त में अप्रवासी भारतीयों और उनके परिवार के सदस्यों की कई शिकायतों को दूर किया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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