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कश्मीर जीवन-मरण का प्रश्न है पाकिस्तान के लिए, भारत को ‘मुंहतोड़ जवाब’ देने के लिए पाक सेना तैयार : बाजवा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 4, 2019 19:08 IST

कोर कमांडरों की एक बैठक को संबोधित करते हुए जनरल बाजवा ने कहा कि पाकिस्तान सेना “हर कीमत पर देश के सम्मान, गरिमा और क्षेत्रीय अक्षुण्णता की रक्षा के लिये पूरी तरह संयोजित, तैयार और दृढ़ प्रतिज्ञ है।” उन्होंने जोर देकर कहा, “कश्मीर पाकिस्तान का शह-ए-रग है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”

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ठळक मुद्देजनरल ने “भारत के किसी भी दुस्साहस या आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब देने का संकल्प” फिर दोहराया।उन्होंने जोर देकर कहा, “कश्मीर पाकिस्तान का शह-ए-रग है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कश्मीर को अपने देश का ‘शह-ए-रग (जीवन-मरण का प्रश्न)’ करार देते हुए गुरुवार को कहा कि “भारत की तरफ से किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब” देने के लिये उनके सैनिक “पूरी तरह तैयार” हैं।

कोर कमांडरों की एक बैठक को संबोधित करते हुए जनरल बाजवा ने कहा कि पाकिस्तान सेना “हर कीमत पर देश के सम्मान, गरिमा और क्षेत्रीय अक्षुण्णता की रक्षा के लिये पूरी तरह संयोजित, तैयार और दृढ़ प्रतिज्ञ है।” उन्होंने जोर देकर कहा, “कश्मीर पाकिस्तान का शह-ए-रग है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”

जनरल ने “भारत के किसी भी दुस्साहस या आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब देने का संकल्प” फिर दोहराया। भारत सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधान को रद्द करने और राज्य को दो केंद्र शासित क्षेत्रों में विभाजित करने के फैसले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। 

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने देश के कारोबारियों से कहा कि देश में आंतरिक सुरक्षा के हालात बेहतर होने से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने और अर्थव्यवस्था के पुनरोद्धार के लिए परिस्थितियां पहले से अच्छी हुईं हैं।

पाकिस्तान सेना ने बुधवार को यह कहा। जनरल बाजवा बुधवार को देश के नामचीन कारोबारियों को संबोधित कर रहे थे। वह ‘अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के बीच संबंध’ पर सेमिनार और वार्ताओं की एक श्रृंखला के समापन पर बोल रहे थे। जनरल बाजवा राष्ट्रीय विकास परिषद के भी सदस्य हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा सीधे-सीधे अर्थव्यवस्था से जुड़ी है जबकि समृद्धि आर्थिक वृद्धि और सुरक्षा जरूरतों के बीच संतुलन बनाने का नाम है।’’ प्रधानमंत्री इमरान खान के सत्ता में एक साल रहने के बाद भी आर्थिक मंच पर सरकार का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहने पर सेना अर्थव्यवस्था के पुनरोद्धार में रुचि ले रही है। जनरल बाजवा को उच्च स्तरीय राष्ट्रीय विकास परिषद का सदस्य बनाया गया है। इस परिषद का गठन पाकिस्तान की दीर्घावधि आर्थिक योजना का गठन करने के लिए किया गया है।

नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को जुलाई में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने छह अरब डॉलर की वित्तीय सहायता मुहैया कराने पर आधिकारिक सहमति जतायी थी। उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियों में इच्छा के अनुरूप सकारात्मक वृद्धि के लिए निजी और सार्वजनिक संस्थानों के बीच बेहतर समझ का विकसित होना और व्यापारिक समुदाय के लिए सरकार के आर्थिक दल का प्रतिक्रियावादी और पहुंच में होना एक अच्छा संकेत है। पाकिस्तान के अस्तित्व में आने के 70 सालों के राज में सेना का आधे से अधिक समय तक शासन रहा है। ऐसे में देश के आर्थिक एवं विदेशी नीति मुददों पर उसका पक्ष काफी मायने रखता है। 

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