कोलंबो, चार अक्टूबर विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने सोमवार को कहा कि यह आवश्यक है कि भारत और श्रीलंका आर्थिक साझेदारी मजबूत करने और पारस्परिक लाभ, परस्पर समझ और पड़ोसियों के बीच अच्छे संबंधों द्वारा परिभाषित साझा उद्देश्य की नींव पर बने द्विपक्षीय रिश्तों को गहरा करने के लिए मिलकर काम करें।
श्रीलंका के प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास ‘टेम्पल ट्रीज’ में भारतीय विकास सहयोग परियोजनाओं की शुरुआत करने के अवसर पर श्रृंगला ने कहा कि भारत और श्रीलंका की अर्थव्यवस्थाओं को कोरोना वायरस महामारी के कारण बहुत नुकसान पहुंचा है।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी वक्तव्य में श्रृंगला के हवाले से कहा गया, ‘‘अपने-अपने देशों में हम तेज रफ्तार से सामाजिक एवं आर्थिक सुधार के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही यह आवश्यक है कि हम आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने और पारस्परिक लाभ, परस्पर समझ और पड़ोसियों के बीच अच्छे संबंधों से परिभाषित साझा उद्देश्य की नींव पर बने द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के लिए मिलकर काम करें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस मौके पर मैं कहना चाहता हूं कि हमारी ओर से हम हमारे सामाजिक-आर्थिक संबंधों पर कोविड-19 पाबंदियों के दुष्प्रभाव को कम करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और कोविड के बाद के सुधार के प्रयासों में श्रीलंका सरकार के साथ खड़े हैं।’’
श्रृंगला चार दिन की यात्रा पर शनिवार को श्रीलंका पहुंचे। उन्होंने कहा कि श्रीलंका में रामायण से संबंधित क्षेत्रों में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विकास में भारत सरकार मदद देगी।
विदेश सचिव ने कहा कि श्रीलंका में भारतीय विकास परियोजनाओं के उद्घाटन समारोह में शामिल होकर वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
श्रृंगला ने कहा कि उच्चस्तरीय यात्राओं और खासतौर पर नवंबर 2019 तथा फरवरी 2020 में क्रमश: राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे तथा प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे की राजकीय यात्राओं ने द्विपक्षीय संबंधों को गति प्रदान की है।
विदेश सचिव ने कहा, ‘‘सितंबर 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के बीच डिजिटल द्विपक्षीय शिखर-सम्मेलन मील का पत्थर रहा जिसने रक्षा और सुरक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, व्यापार और वाणिज्य तथा जनता के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में हमारे सहयोग के भविष्य की रूपरेखा तैयार की।’’
प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के कार्यालय के अनुसार, श्रृंगला ने उनसे कहा कि श्रीलंका से कुशीनगर के लिए आने वाली तीर्थयात्रियों की पहली उड़ान के स्वागत के लिए भारत उत्सुक है। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल हुई द्विपक्षीय डिजिटल बैठक में यह अनुरोध किया था।
कार्यालय की ओर से बताया गया कि भारत के साथ पर्यटन को फिर से गति प्रदान करने को लेकर श्रीलंका उत्सुक है क्योंकि वह हमेशा इस द्वीपीय देश के पर्यटन का बड़ा स्रोत रहा है।
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