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इजराइल और हमास के एक-दूसरे पर हमलों के बीच फलस्तीनी हड़ताल पर गये

By भाषा | Updated: May 18, 2021 17:53 IST

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गाजा सिटी, 18 मई (एपी) इजराइल तथा हमास चरमपंथियों के बीच हमलों के दौरान इजराइल तथा उसके कब्जे वाले क्षेत्रों में फलस्तीनी लोग मंगलवार को हड़ताल पर चले गये।

उन्होंने इजराइल की नीतियों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई के रूप में यह कदम उठाया है।

इजराइल ने मंगलवार को गाजा में चरमपंथियों पर कई हवाई हमले किये और छह मंजिला इमारत को गिरा दिया, वहीं चरमपंथियों ने इजराइल में बड़ी संख्या में रॉकेट दागे।

दोनों के बीच संघर्ष को एक सप्ताह से अधिक हो गया है और जंग रुकने के कोई संकेत नहीं दिख रहे।

गाजा सिटी तड़के हवाई हमलों से दहल गया। इस हमले में एक इमारत को गिरा दिया गया जिसमें इस्लामिक यूनिवर्सिटी से संबंधित पुस्तकालय और शिक्षण केंद्र हैं। इमारत के गिरने के बाद ऊपर से देखने पर वहां कंक्रीट के स्लैब और पत्थरों के मलबे का पहाड़ जैसा ढेर लग गया था। लोगों को मलबे में से सामान खोजते हुए देखा गया।

गाजा के हमला प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले जमाल हरजल्ला ने कहा, ‘‘पूरी सड़क थर्रा उठी और भूकंप जैसा आ गया।’’

रात में हुए हमलों में किसी के मारे जाने की खबर नहीं है।

इजराइल और गाजा के हमास चरमपंथियों के बीच तब भारी संघर्ष शुरू हो गया जब हमास ने 10 मई को फलस्तीनी प्रदर्शनों के समर्थन में यरूशलम पर रॉकेट दागे। अल-अक्सा मस्जिद परिसर में सुरक्षा बलों की सख्ती तथा यहूदियों द्वारा दर्जनों फलस्तीनी परिवारों को वहां से निकाले जाने की कोशिशों के खिलाफ ये प्रदर्शन किये जा रहे थे।

संघर्ष समाप्त होने का कोई संकेत नहीं मिलने के बीच इजराइल, पूर्वी यरूशलम और पश्चिमी तट में फलस्तीनियों ने मंगलवार को आम हड़ताल की। इजराइल के फलस्तीनी नागरिकों के बीच एकता प्रदर्शित करने का यह अनोखा तरीका था।

इजराइल में 20 प्रतिशत फलस्तीनी हैं।

उधर इजराइल में रविवार शाम यहूदियों के शाहूत पर्व की शुरुआत से पहले बजे सायरनों ने अनेक परिवारों को एक बार फिर छिपने के लिए मजबूर कर दिया, जो फलस्तीनी चरमपंथियों की ओर से दागे गये रॉकेट आदि के संकेत के रूप में पिछले कुछ दिनों से सायरन की आवाज सुनकर दहल जाते हैं।

ऐसा ही एक परिवार है चेर फराग का जो गाजा में हमास चरमपंथियों और इजराइली सेना के बीच पिछले सप्ताह शुरू हुए संघर्ष के बाद से दर्जनों बार खुद को सुरक्षित बचाने के लिए अपने परिवार के साथ आसरे की तलाश में मशक्कत कर चुकी हैं।

फराग और उनका परिवार हर समय डरा रहता है।

वह कहती हैं, ‘‘मुश्किल से नींद आती है क्योंकि हमें लगता है कि गाजा फिर से हमला नहीं कर दे।’’

फराग का घर इजराइल की उन 146 इमारतों में से एक है जो गाजा की ओर से दागे गये रॉकेटों का शिकार हुईं। इनमें घर, स्कूल आदि शामिल हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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