IRIS Dena: हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर हमला, 87 शव बरामद और ईरान के 32 नौसैनिकों को बचाया
By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 5, 2026 11:40 IST2026-03-05T11:38:07+5:302026-03-05T11:40:11+5:30
IRIS Dena: नौसेना और तटरक्षक बल को तड़के पांच बजकर आठ मिनट पर दक्षिणी बंदरगाह जिले गॉल से लगभग 40 समुद्री मील की दूरी पर स्थित ‘आईरिस देना’ नामक पोत के डूबने की सूचना मिली थी।

file photo
कोलंबो: अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के तट से दूर हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत पर हमला किया, जो डूब गया। इस हमले के बाद पश्चिम एशियाई संघर्ष भारतीय उपमहाद्वीप के और करीब आ गया है। इस हमले में कम से कम 87 लोग मारे गए। बुधवार को पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष भारत के पड़ोस तक पहुंच गया है। शीर्ष अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो की चपेट में आने के बाद श्रीलंका के तट के पास हिंद महासागर में एक ईरानी फ्रिगेट आईआरआईआईएस देना डूब गया।
श्रीलंका ने बुधवार को बताया कि उसकी नौसेना ने देश के दक्षिणी तट के पास डूबे एक युद्धपोत से 87 शव बरामद किए और ईरान के 32 नौसैनिकों को बचाया। विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने संसद को बताया कि श्रीलंकाई नौसेना और तटरक्षक बल को तड़के पांच बजकर आठ मिनट पर दक्षिणी बंदरगाह जिले गॉल से लगभग 40 समुद्री मील की दूरी पर स्थित ‘आईरिस देना’ नामक पोत के डूबने की सूचना मिली थी।
हेराथ ने कहा कि श्रीलंकाई नौसेना और वायु सेना ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया। श्रीलंका ने पहले बताया था कि उसकी नौसेना ने बुधवार तड़के लगभग 180 नाविकों को लेकर जा रहे ‘आईरिस देना’ नामक ईरानी जहाज से 32 ईरानी नाविकों को बचाया। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा, "एक अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जो अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में खुद को सुरक्षित समझ रहा था। इसके बजाय, वह एक टॉरपीडो से डूब गया।" उन्होंने इस हमले को ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका की वैश्विक पहुंच का सबूत बताया।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आईएसआईएस, अल कायदा के खिलाफ मिलकर कार्रवाई का आह्वान किया
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवादी संगठनों आईएसआईएस और अल कायदा तथा उनके सहयोगियों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने का आह्वान किया है। भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के ‘‘अस्तित्व’’ के लिए खतरा है।