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दिल्ली हिंसा पर बोले ईरानी सुप्रीम नेता अयातुल्ला खोमैनी, 'भारत में मुसलमानों के नरसंहार से दुनियाभर के मुस्लिम दुखी, कट्टरपंथी हिंदुओं को...'

By भाषा | Updated: March 6, 2020 10:27 IST

नई दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के समर्थकों और इसका विरोध करने वालों के बीच झड़पों के बाद पिछले हफ्ते हुई हिंसा में कम से 42 लोग मारे गए थे।

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ठळक मुद्देईरान की सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसले लेने वाले खामेनेई ने अंग्रेजी, उर्दू, फारसी और अरबी में ट्वीट किया।जरीफ ने सोमवार को ट्वीट किया था, “भारतीय मुस्लिमों के खिलाफ संगठित रूप से की गई हिंसा की ईरान भर्त्सना करता है।''

तेहरान:  ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने पांच मार्च को भारत सरकार से तथाकथित कट्टरपंथी हिंदुओं और उनकी पार्टियों को रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुई हालिया हिंसा से दुनिया भर के मुसलमान दुखी हैं। नई दिल्ली में ईरान के राजदूत अली चेगेनी को भारत द्वारा तलब किए जाने और दिल्ली में हिंसा पर ईरानी विदेश मंत्री जवाद जरीफ की ‘अवांछित’ टिप्प्णियों को लेकर सख्त विरोध दर्ज कराये जाने के दो दिनों बाद खामेनेई का यह बयान आया है।

खामेनेई ने ट्वीट किया, ‘‘भारत में मुसलमानों के नरसंहार से दुनियाभर में मुसलमान दुखी हैं। भारत सरकार को कट्टरपंथी हिंदुओं और उनकी पार्टियों को रोकना चाहिए तथा इस्लामी जगत से भारत को अलग-थलग पड़ने से बचाने के लिए मुसलमानों के नरसंहार को रोकना चाहिए।’’

The hearts of Muslims all over the world are grieving over the massacre of Muslims in India. The govt of India should confront extremist Hindus & their parties & stop the massacre of Muslims in order to prevent India’s isolation from the world of Islam.#IndianMuslimslnDanger— Khamenei.ir (@khamenei_ir) March 5, 2020

ईरान की सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसले लेने वाले खामेनेई ने अंग्रेजी, उर्दू, फारसी और अरबी में ट्वीट किया। साथ में, एक बच्चे की तस्वीर भी पोस्ट की है जो दिल्ली में हुई हालिया हिंसा में मारे गए एक व्यक्ति के शव को देख कर रो रहा है।

उल्लेखनीय है कि जरीफ ने सोमवार को ट्वीट किया था, “भारतीय मुस्लिमों के खिलाफ संगठित रूप से की गई हिंसा की ईरान भर्त्सना करता है। सदियों से ईरान भारत का मित्र रहा है। हम भारतीय अधिकारियों से आग्रह करते हैं कि वे सभी भारतीयों की सलामती सुनिश्चत करें और निर्रथक हिंसा को फैलने से रोकें। आगे बढ़ने का मार्ग शांतिपूर्ण संवाद और कानून का पालन करने से प्रशस्त होगा।” इसके अगले दिन, भारत ने ईरानी राजदूत चेगेनी को तलब किया था और उनसे कहा था कि दिल्ली में हुई घटनाओं का जरीफ द्वारा चुनिंदा और पक्षपातपूर्ण उल्लेख किया जाना स्वीकार्य नहीं है।

नई दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के समर्थकों और इसका विरोध करने वालों के बीच झड़पों के बाद पिछले हफ्ते हुई हिंसा में कम से 42 लोग मारे गए थे। इराक में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के शीर्ष जनरल कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद अमेरिका के साथ ईरान के तनाव बढ़ने के बीच जरीफ ने जनवरी में भारत की यात्रा की थी। वहीं, ईरान के खिलाफ अमेरिका के प्रतिबंधों की परवाह नहीं करते हुए भारत ने तेहरान के साथ सौहाद्रपूर्ण संबंध कायम रखे हैं और इस खाड़ी देश में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह के विकास में भारत सक्रियता से शामिल रहा है।

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