Iran-Israel War: क्या इस्लामाबाद वार्ता बचा पाएगी शांति? लेबनान हमले और कीर स्टार्मर के खाड़ी दौरे से जुड़ी हर अपडेट, जानें यहां
By अंजली चौहान | Updated: April 10, 2026 09:23 IST2026-04-10T09:21:32+5:302026-04-10T09:23:26+5:30
Iran-Israel War: ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह के लिए हुए युद्धविराम समझौते को इजराइल द्वारा लेबनान पर बमबारी करने के फैसले से बड़ा झटका लगा है। लेबनान तेहरान का एक प्रमुख सहयोगी देश है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं है, जबकि पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है।

Iran-Israel War: क्या इस्लामाबाद वार्ता बचा पाएगी शांति? लेबनान हमले और कीर स्टार्मर के खाड़ी दौरे से जुड़ी हर अपडेट, जानें यहां
Iran-Israel War: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का अस्थाई सीजफायर अब एक बड़े खतरे का सामना कर रहा है। इसकी वजह है इजरायल का लेबनान पर बमबारी करने का कदम, जो ईरान का एक अहम सहयोगी है। जहां तेहरान ने यह दावा किया है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुई सीजफायर डील में बेरूत भी शामिल था, वहीं नेतन्याहू ने साफ कहा है कि "लेबनान में कोई सीजफायर नहीं है।"
इजरायली प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मीडिया से यह कहने के कुछ ही देर बाद आई कि उन्होंने नेतन्याहू से कहा है कि वे थोड़ा नरमी बरतें।
गौरतलब है कि 65 देशों के राजदूतों ने इंडोनेशिया के UN दूत, उमर हादी के साथ मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया है। इस बयान में UNIFIL पर हुए हमलों की निंदा की गई है, जिसमें दक्षिणी लेबनान में हाल ही में तीन इंडोनेशियाई शांति सैनिकों की हत्या भी शामिल है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की सुगम यात्रा के लिए नोटिस जारी किया
Pakistan welcomes all delegates including journalists from participating nations, traveling in relation to Islamabad Talks 2026. To this end, all airlines are requested to permit boarding to all such individuals without Visa. Immigration authorities in Pakistan will issue them… pic.twitter.com/mvWJyv2P4s
— Ishaq Dar (@MIshaqDar50) April 10, 2026
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने एयरलाइंस को नोटिस जारी कर सभी प्रतिनिधिमंडलों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। डार ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “पाकिस्तान इस्लामाबाद वार्ता 2026 के सिलसिले में यात्रा कर रहे सभी प्रतिनिधिमंडलों, जिनमें पत्रकार भी शामिल हैं, का स्वागत करता है। इसके लिए सभी एयरलाइंस से अनुरोध है कि वे ऐसे सभी व्यक्तियों को बिना वीजा के बोर्डिंग की अनुमति दें। पाकिस्तान में आव्रजन अधिकारी उन्हें आगमन पर वीजा जारी करेंगे।”
इस्लामाबाद वार्ता पर एक नजर
ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता के बारे में जानने लायक चार मुख्य बातें ये हैं:
पाकिस्तान, वाशिंगटन और तेहरान के बीच शांति वार्ता की मेजबानी कर रहा है। यह वार्ता इस सप्ताहांत इस्लामाबाद में शुरू होने वाली है।
व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस करेंगे। उनके साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर भी होंगे।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराकची के ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की उम्मीद है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के औपचारिक तौर पर इस वार्ता की मेजबानी करने और शुक्रवार या शनिवार की सुबह दोनों पक्षों के साथ अलग-अलग प्रारंभिक बैठकें करने की उम्मीद है।
बैठकों का सटीक समय इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद कब पहुंचते हैं।
उस हैकर समूह ने, जो अमेरिका पर ईरान के सबसे बड़े साइबर हमलों की जिम्मेदारी लेता रहा है, कहा है कि वह सीजफायर को देखते हुए अपने हमलों को कुछ समय के लिए रोक देगा।
एफबीआई के अनुसार, इस समूह—'हंडाला'—को ईरान के खुफिया और सुरक्षा मंत्रालय का ही एक मुखौटा माना जाता है। एफबीआई ने इस समूह के काम को "मनोवैज्ञानिक अभियान" करार दिया है।
गुरुवार, यानी कल, हंडाला के संचालकों ने अपने टेलीग्राम चैनल पर संकेत दिया कि ईरानी सरकार में उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें अमेरिका के खिलाफ किए गए हैक्स (साइबर हमलों) के बारे में शेखी बघारना बंद करने का निर्देश दिया है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह निर्देश सीजफायर के जवाब में दिया गया है।
BREAKING: JD VANCE SAYS THERE HAS BEEN A MISUNDERSTANDING OF LEBANON BEING INCLUDED IN THE CEASEFIRE:
— Sulaiman Ahmed (@ShaykhSulaiman) April 8, 2026
"I think this comes from a legitimate misunderstanding. I think the Iranians thought the ceasefire included Lebanon, and it just didn't. We never made that promise, we never… pic.twitter.com/w3XhsZXAqk
समूह ने कहा, "प्रतिरोध धुरी के सर्वोच्च नेतृत्व से मिले आदेशों के अनुसार, हमने फिलहाल अमेरिका के साथ प्रत्यक्ष टकराव को टाल दिया है। लेकिन दुनिया पहले से ही हमारी उस क्षमता से वाकिफ़ है, जिसके जरिए हम अमेरिकी बुनियादी ढांचे के बिल्कुल मूल तक घुसपैठ कर सकते हैं और उस पर हमला बोल सकते हैं।"
समूह ने यह साफ कर दिया कि वह इज़राइल सहित अन्य लक्ष्यों को हैक करना जारी रखेगा। उसने कहा, "साइबर युद्ध सैन्य संघर्ष के साथ शुरू नहीं हुआ था, और न ही यह किसी सैन्य युद्धविराम के साथ समाप्त होगा।" "हंडाला, पूरी ताकत के साथ, जायोनी शासन के बुनियादी ढांचे के खिलाफ अपने साइबर अभियान जारी रखे हुए है।"
दक्षिण कोरिया ने ईरान में नया विशेष दूत भेजा
देश की आधिकारिक योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने ईरान के लिए एक नया विशेष दूत नियुक्त किया है, जिसे जल्द ही तेहरान भेजा जाएगा।
कुवैत में पूर्व राजदूत चुंग ब्योंग-हा को नया दूत बनाया गया है, और वह पश्चिम एशिया से होकर गुजरने वाले दक्षिण कोरियाई जहाजों और नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही के समन्वय के लिए जिम्मेदार होंगे। चुंग की नियुक्ति की घोषणा शुक्रवार को की गई, जो कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच फोन पर हुई बातचीत के एक दिन बाद हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया से जुड़े 26 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य में फँसे हुए हैं, जो ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध के बीच अधिकांश जहाजों की आवाजाही के लिए बंद है।