लाइव न्यूज़ :

भारतीय प्रतिभाएं पुरानी एच-1बी वीजा नीति के कारण कनाडा का रुख कर रही हैं : विशेषज्ञ

By भाषा | Updated: July 15, 2021 10:16 IST

Open in App

(ललित के झा)

वाशिंगटन, 15 जुलाई भारत के प्रतिभाशाली नागरिक पुरानी एच-1बी वीजा नीति के कारण अब बड़ी संख्या में अमेरिका के बजाय कनाडा का रुख कर रहे हैं। आव्रजन और नीति विशेषज्ञों ने अमेरिकी सांसदों से यह बात कही।

विशेषज्ञों ने मंगलवार को कहा कि यह मुख्यत: रोजगार पर आधारित ग्रीन कार्ड या स्थायी निवास पत्र जारी करने पर हर देश के लिए तय कोटे के कारण हुआ है। उन्होंने कांग्रेस से भारतीय प्रतिभाओं को अमेरिका से कनाडा की ओर जाने से रोकने के लिए जल्द कदम उठाने का अनुरोध किया।

नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी (एनएफएपी) के कार्यकारी निदेशक स्टुअर्ट एंडरसन ने कहा कि कांग्रेस की कार्रवाई के कारण सभी तीनों रोजगार आधारित श्रेणियों में वीजा के लिए इंतजार कर रहे भारतीयों की अनुमानित संख्या 9,15,497 से बढ़कर वित्त वर्ष 2030 तक 21,95,795 हो जाएगी।

उन्होंने आव्रजन और नागरिकता पर सदन की न्यायिक समिति-उपसमिति के समक्ष कहा, ‘‘हमें इस संख्या में गिरावट लानी चाहिए। एक दशक के अंदर 20 लाख से अधिक लोग रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए वर्षों या यहां तक दशकों तक इंतजार करेंगे।’’

एंडरसन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय छात्र समेत उच्च कौशल वाले विदेशी नागरिक अमेरिका के बजाय कनाडा को चुन रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह इसलिए हुआ क्योंकि एच-1बी वीजा या स्थायी निवास हासिल करना मुश्किल हो गया है।’’

एनएफएपी द्वारा अमेरिकी सरकार के विश्लेषण के अनुसार, अमेरिकी विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर के कम्प्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग में पंजीकृत भारत के छात्रों की संख्या 2016-17 और 2018-19 अकादमिक वर्षों के बीच 25 प्रतिशत से अधिक घट गयी।

एंडरसन ने कहा, ‘‘कनाडा की आव्रजन नीतियां प्रतिभाओं को आमंत्रित करने के लिए अमेरिका से कहीं बेहतर हैं। कांग्रेस ने 1990 में अमेरिकी नीतियां बनायी थी जब स्मार्टफोन, ई-वाणिज्य, सोशल मीडिया, क्लाउड कम्प्यूटिंग और दैनिक इस्तेमाल वाला इंटरनेट नहीं था जिनकी वजह से अब उच्च कौशल वाले प्रौद्योगिकी श्रम की मांग बढ़ गयी है। 1990 के बाद से दुनिया बदल गयी है लेकिन अमेरिका की आव्रजन नीति नहीं बदली।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टक्या पंजाब के बाद बिहार में जॉम्बी ड्रग?, कितना खतरनाक, धीमी सांस और लड़खड़ाता दिखा शख्स?, वीडियो

कारोबारकैबिनेट फैसलाः परिचालन जुलाई 2026 से शुरू और 10,000 रोजगार, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड में निवेश को मंजूरी

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

क्राइम अलर्ट15 फरवरी को चिंगारी भड़की और खतरनाक आग में बदली?, दो बच्चों की मां प्रियंका देवी 56 वर्षीय बहनोई धनिक लाल यादव के साथ फरार, ले गई 4 लाख के जेवर, नकदी-मोबाइल

भारतबिहार के अस्पतालों में डॉक्टर, रुई और सुई नहीं, कहीं दवा नहीं तो बेड नहीं?, तेजस्वी यादव बोले-अमंगल दोष से ग्रसित स्वास्थ्य विभाग

विश्व अधिक खबरें

विश्वइजरायल ने किया अमेरिका के सीजफायर का समर्थन, मगर हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग रहेगी जारी

विश्वझुके ट्रंप? अमेरिका के 2 हफ्तों के युद्धविराम को ईरान ने बताया ऐतिहासिक जीत, कही ये बात

विश्वइस ड्रोन और उस ड्रोन में कितना फर्क है...!

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत ईरान?, 14 दिन बमबारी और हमले रोकने को तैयार राष्ट्रपति ट्रंप?, पाकिस्तान के पीएम शरीफ क्या बोले?

विश्व'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब