लाइव न्यूज़ :

अमेरिकी वायुसेना के भारतीय मूल के डॉक्टर नासा द्वारा चुने गए 10 अंतरिक्षयात्रियों में शामिल

By भाषा | Updated: December 7, 2021 21:31 IST

Open in App

ह्यूस्टन, सात दिसंबर अमेरिकी वायु सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल, भारतीय मूल के चिकित्सक अनिल मेनन को नासा ने नौ अन्य लोगों के साथ भविष्य के मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना है, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने घोषणा की है।

मेनन (45) का जन्म और पालनपोषण मिनिसोटा के मिनियापोलिस में यूक्रेनी और भारतीय माता-पिता द्वारा किया गया।

वह स्पेसएक्स के पहले फ्लाइट सर्जन थे, जिन्होंने नासा के स्पेसएक्स डेमो -2 मिशन के दौरान कंपनी द्वारा इंसानों को अंतरिक्ष में लॉन्च करने के पहले मिशन में मदद की और भविष्य के मिशनों के दौरान मानव प्रणाली का समर्थन करने के लिए एक चिकित्सा संगठन का निर्माण किया।

नासा ने सोमवार को एक बयान में बताया कि उसने 10 नए अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया, जिनमें से आधे सैन्य पायलट हैं।

अंतरिक्ष एजेंसी ‘नैशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ (नासा) ने ह्यूस्टन में एक समारोह के दौरान छह पुरुषों और चार महिलाओं का परिचय दिया। ह्यूस्टन ‘मिशन कंट्रोल एंड एस्ट्रोनॉट कोर’ का केन्द्र है। इसके लिए 12 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया था। चयनित 10 लोगों की उम्र 30 से 40 वर्ष के बीच है, जिन्हें ‘स्पेसफ्लाइट’ में यात्रा करने के योग्य बनाने के लिए पहले दो साल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने ह्यूस्टन में नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर के पास एलिंगटन फील्ड में सोमवार (छह दिसंबर) के कार्यक्रम के दौरान, चार साल में पहली बार अंतरिक्षयात्रियों की नई कक्षा, 2021 के सदस्यों का परिचय कराया।

नेल्सन ने कहा, “आज हम 10 नए अन्वेषकों, आर्टिमिस पीढ़ी के 10 नए सदस्यों का नासा के 2021 अंतरिक्षयात्री प्रतिभागी कक्षा में स्वागत कर रहे हैं।”

ये प्रतिभागी जनवरी 2022 से दो साल के प्रशिक्षण के लिए जॉनसन पर रिपोर्ट करेंगे।

मेनन ने पहले अंतरिक्ष यात्रियों को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक ले जाने वाले विभिन्न अभियानों के लिए क्रू फ़्लाइट सर्जन के रूप में नासा की सेवा की थी।

वह एक सक्रिय रूप से अभ्यास करने वाले आपातकालीन चिकित्सा विशेषज्ञ हैं, जो जंगल और एयरोस्पेस चिकित्सा में फेलोशिप प्रशिक्षण प्राप्त हैं।

एक चिकित्सक के रूप में, वह हैती में 2010 भूकंप, नेपाल में 2015 भूकंप और 2011 रेनो एयर शो दुर्घटना के दौरान पहले प्रतिक्रिया दल का हिस्सा थे।

वायु सेना में, मेनन ने फ्लाइट सर्जन के रूप में 45वें स्पेस विंग और 173वें फाइटर विंग में सेवाएं दीं, जहां उन्होंने F-15 फाइटर जेट में 100 से अधिक उड़ानें भरीं और क्रिटिकल केयर एयर ट्रांसपोर्ट टीम के हिस्से के रूप में 100 से अधिक रोगियों का उपचार किया।

जुलाई में एरोनॉटिकल इंजीनियर सिरीशा बंदला कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के बाद अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाली भारतीय मूल की तीसरी महिला बनीं।

विंग कमांडर राकेश शर्मा अंतरिक्ष में यात्रा करने वाले एकमात्र भारतीय नागरिक हैं। भारतीय वायु सेना के पूर्व पायलट ने सोवियत इंटरकोस्मोस कार्यक्रम के हिस्से के रूप में तीन अप्रैल, 1984 को सोयुज टी-11 पर उड़ान भरी थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतमप्र राज्यसभा चुनावः मीनाक्षी नटराजन और सज्जन सिंह वर्मा में टक्कर?, कांग्रेस में एक अनार-सौ बीमार?, अपनों की रार में भाजपा न मार ले जाए तीसरी सीट!

क्राइम अलर्ट5 वर्षीय बच्चे का गला, गुप्तांग कटा था और पेट के बाईं ओर, गाल और भौंह के नीचे गहरे घाव?, पिता ने कहा- छात्रावास में बेटे से सामूहिक रेप कर मारा?

बॉलीवुड चुस्कीनहीं रहीं जरीन खान की मां परवीन खान, मुंबई में होगा अंतिम संस्कार

क्रिकेटसूर्यवंशी और जायसवाल के तूफान में उड़ा मुंबई?, कोच माहेला जयवर्धने ने कहा- बारिश के बीच रन बरसा?, बेबस दिखे गेंदबाज

क्रिकेटबुमराह, चाहर और बोल्ट को कूटना?, 15 साल के लड़के को खेलते देखना वाकई अद्भुत, कप्तान पांड्या ने कहा- हमारे पास सूर्यवंशी के लिए कोई विकल्प नहीं था

विश्व अधिक खबरें

विश्वइजरायल ने किया अमेरिका के सीजफायर का समर्थन, मगर हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग रहेगी जारी

विश्वझुके ट्रंप? अमेरिका के 2 हफ्तों के युद्धविराम को ईरान ने बताया ऐतिहासिक जीत, कही ये बात

विश्वइस ड्रोन और उस ड्रोन में कितना फर्क है...!

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत ईरान?, 14 दिन बमबारी और हमले रोकने को तैयार राष्ट्रपति ट्रंप?, पाकिस्तान के पीएम शरीफ क्या बोले?

विश्व'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब