लाइव न्यूज़ :

भारत और अमेरिका ने म्यामां में लोकतंत्र की जल्द बहाली का आह्वान किया

By भाषा | Updated: September 25, 2021 15:07 IST

Open in App

वाशिंगटन, 25 सितंबर म्यामां में तख्तापलट के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अमेरिका और भारत ने वहां लोकतंत्र की जल्द बहाली, हिंसा का इस्तेमाल बंद करने एवं सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करने का आह्वान किया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो. बाइडन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच व्हाइट हाउस में शुक्रवार को हुई पहली प्रत्यक्ष द्विपक्षीय बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने म्यामां को लेकर आसियान की आम सहमति से तैयार पांच सूत्री व्यवस्था को अविलंब लागू करने का भी आह्वान किया।

संयुक्त बयान में कहा गया, ‘‘दोनों नेताओं ने म्यामां में लोकतंत्र की जल्द बहाली, हिंसा का इस्तेमाल बंद करने और सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करने का आह्वान किया है।’’

बाइडन और मोदी ने म्यामां के संबंध में आसियान द्वारा आम सहमति से तैयार की गई पांच सूत्री व्यवस्था को अविलंब लागू करने का भी आह्वान किया।

गौरतलब है कि म्यामां में सेना ने गत एक फरवरी को आंग सान सू ची के नेतृत्व वाली पार्टी की निर्वाचित सरकार को अपदस्थ कर सत्ता पर कब्जा कर लिया था और आपातकाल की घोषणा कर दी थी। एक अनुमान के अनुसार, सू ची सहित 3,400 लोगों को वहां की सैन्य सरकार ने हिरासत में ले रखा है।

दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संघ (आसियान) ने पिछले महीने आम सहमति से पांच सूत्री व्यवस्था तैयार की थी जिसमें कहा गया है कि म्यामां में तत्काल हिंसा रोकी जाए और सभी पक्ष पूरा संयम बरतें। इसमें कहा गया है कि सभी पक्ष लोगों के हित में शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए रचनात्मक चर्चा करें।

इस पांच सूत्री व्यवस्था में कहा गया है कि आसियान पीठ के विशेष दूत वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मध्यस्थता करेंगे जिसमें आसियान के महासचिव सहायता करेंगे। इसमें यह भी कहा गया है कि आसियान मानवीय सहायता पहुंचाएगा जिसमें संघ के मानवीय सहायता संबंधी आपदा प्रबंधन समन्वय केंद्र की मदद ली जाएगी और इसके साथ ही सभी संबंधित पक्षों से मुलाकात के लिए विशेष दूत एवं शिष्टमंडल म्यामां जाएगा।

भारत पूर्व में म्यामां में हिंसा की निंदा कर चुका है और इसने वहां जान-माल के नुकसान पर दुख भी प्रकट किया था। इसने सभी पक्षों से संयम बरतने और हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा करने को कहा था।

नयी दिल्ली ने म्यामां की स्थिति का शांतिपूर्ण ढंग से समाधान निकालने और लोकतंत्र बहाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी रेखांकित की थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टTamil Nadu: 6 साल बाद मिला न्याय! पिता-पुत्र की हिरासत में मौत केस में 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड

विश्वVIDEO: पनामा नहर के पास ब्लास्ट, आसमान में दिखा धुएं का गुबार, कई घायल

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: ईंधन की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन! क्या भारत में महंगा हो गया पेट्रोल और डीजल? जानें

क्राइम अलर्टकोई इतना अमानवीय और क्रूर कैसे हो सकता है?

विश्व‘एलिमेंट्‌स’ को बचानेवाले फारसी विद्वान और यूक्लिड से प्रेरित शरलॉक 

विश्व अधिक खबरें

विश्वयदि ईरान पर जमीनी हमला हुआ तो...

विश्वखुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत, इजराइल-अमेरिका ने ईरान किया हमला, 25 मरे?, जवाब में ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक