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ब्रिटेन की लेबर पार्टी के लीडर से हुई इमरान खान की फोन पर बात, रोया कश्मीर का दुखड़ा 

By रामदीप मिश्रा | Updated: September 29, 2019 08:43 IST

लेबर पार्टी ने अभी हाल ही में वार्षिक सम्मेलन के दौरान जम्मू और कश्मीर की स्थिति पर एक प्रस्ताव पारित किया, जिसे भारत ने अस्वीकार किया "बिना सूचना और निराधार" बताया था।

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ठळक मुद्देब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी के लीडर जेरेमी कॉर्बिन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ बातचीत की और जम्मू-कश्मीर को लेकर अपनी पार्टी के मानवाधिकार-केंद्रित रुख को साझा किया। कॉर्बिन ने खान से बातचीत को लेकर कहा कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के साथ एक कॉल पर मैंने कश्मीर में स्थिति को लेकर उनकी चिंताओं को ध्यान से सुना, जिसमें चल रहा कर्फ्यू भी शामिल हैं।

ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी के लीडर जेरेमी कॉर्बिन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ बातचीत की और जम्मू-कश्मीर को लेकर अपनी पार्टी के मानवाधिकार-केंद्रित रुख को साझा किया। उनकी बातचीत इमरान के संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण वाले दिन हुई थी।

लेबर पार्टी ने अभी हाल ही में वार्षिक सम्मेलन के दौरान जम्मू और कश्मीर की स्थिति पर एक प्रस्ताव पारित किया, जिसे भारत ने अस्वीकार किया "बिना सूचना और निराधार" बताया था।

इधर, कॉर्बिन ने खान से बातचीत को लेकर कहा कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के साथ एक कॉल पर मैंने कश्मीर में स्थिति को लेकर उनकी चिंताओं को ध्यान से सुना, जिसमें चल रहा कर्फ्यू भी शामिल हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत सुनिश्चित करने में संयुक्त राष्ट्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसी भी राजनीतिक प्रस्ताव को कश्मीरी लोगों के मानवाधिकारों को बरकरार रखना चाहिए।

आपको बता दें कि ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी ने कश्मीर पर बुधवार को एक आपात प्रस्ताव पारित किया था। इस प्रस्ताव को लेकर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन से अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को क्षेत्र में 'जाने' और उसके लोगों के आत्म निर्णय के अधिकार की मांग करने के लिए कहा था। प्रस्ताव में कहा गया था कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार कश्मीर को आत्मनिर्णय का अधिकार दिया जाना चाहिए और पार्टी कार्यकर्ताओं को कश्मीरियों के साथ खड़े रहने का के लिए कहा गया है। 

भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने इसकी आलोचना करते हुए इसे गलत विचार पर आधारित और भ्रामक जानकारी बताया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने लेबर पार्टी के कदम को 'वोट बैंक हितों को साधने वाला बताया था। उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे पर लेबर पार्टी या उसके प्रतिनिधियों से बातचीत करने का कोई सवाल नहीं है। कश्मीर पर ब्रिटिश सरकार के आधिकारिक रुख के विपरीत विपक्ष ने यह प्रस्ताव पेश किया है। ब्रिटिश सरकार का रुख रहा है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मुद्दा है।

वहीं, पाकिस्तान के पीएम इमरान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए कश्मीर का मुद्दा उठाया थी। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र समेत वैश्विक समुदाय को कश्मीर पर ध्यान देने के लिए किया था। इमरान ने कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने वाले आर्टिकल 370 हटाए जाने का जिक्र करते हुए कहा था कि जब कश्मीर से कर्फ्यू हटेगा तो यहां खून-खराबा होगा। 

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