Imran khan: पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को बड़ा झटका, पाकिस्तान चुनाव आयोग ने 5 साल के लिए अयोग्य करार दिया
By सतीश कुमार सिंह | Updated: August 8, 2023 22:23 IST2023-08-08T22:18:49+5:302023-08-08T22:23:09+5:30
Imran khan: इस्लामाबाद की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के प्रमुख खान (70) को तोशाखाना मामले में ‘भ्रष्टाचार’ का गुनाहगार पाया था और उन्हें तीन साल की कैद की सजा सुनायी थी।

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Imran khan: पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान के शीर्ष निर्वाचन निकाय ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पांच साल के लिए अयोग्य करार दिया है। पूर्व पीएम चुनाव लड़ नहीं सकेंगे। संसद के निचले सदन का पांच साल का कार्यकाल 12 अगस्त को समाप्त हो रहा है।
इस्लामाबाद की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के प्रमुख खान (70) को तोशाखाना मामले में ‘भ्रष्टाचार’ का गुनाहगार पाया था और उन्हें तीन साल की कैद की सजा सुनायी थी। उसके शीघ्र बाद शनिवार को उन्हें यहां जमां पार्क आवास से गिरफ्तार कर लिया गया था। वह फिलहाल पंजाब प्रांत की अटक जेल में हैं।
Pakistan's election body disqualifies ex-PM Imran khan for five years following his conviction in corruption case
— Press Trust of India (@PTI_News) August 8, 2023
पंजाब पुलिस के अनुसार खान की गिरफ्तारी के बाद से प्रांत के विभिन्न हिस्सों में पीटीआई के 200 से अधिक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि पीटीआई ने आरोप लगाया है कि न केवल पुलिस ने खान की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे उसके कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया बल्कि उसने पार्टी पदाधिकारियों को हिरासत में लेने के लिए उनके घरों पर छापा मारा।
पुलिस ने कहा कि खान के एक दर्जन से अधिक समर्थकों पर आतंकवाद के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी के अनुसार खान की मीडिया टीम समेत उनके साथ मौजूद लोगों ने शनिवार को उन्हें (खान को) गिरफ्तार करने गयी पुलिस टीम को धमकी दी थी।
प्राथमिकी में कहा गया है, ‘‘ उन्होंने हमला किया तथा पुलिसकर्मियों से सरकारी बंदूकें छीन लीं एवं उन पर बंदूकें तानकर उनकी जान लेने की धमकी दी। पुलिस ने बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।’’ इस बीच पीटीआई की अधिवक्ता शाखा इंसाफ लॉयर्स फोरम ने सोमवार और मंगलवार को लाहौर उच्च न्यायालय के बाहर प्रदर्शन किया तथा ‘फर्जी मामले में’ उनके नेता को सजा सुनाये जाने को लेकर पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार एवं सेना के विरुद्ध नारेबाजी की।
खान ने मंगलवार को तोशाखाना मामले में अपनी दोषसिद्धि को मंगलवार को चुनौती दी और कहा कि ‘पक्षपातपूर्ण’ न्यायाधीश का फैसला ‘उचित प्रक्रिया एवं निष्पक्ष सुनवाई के चेहरे पर तमाचा है।’ उन्होंने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में अपनी दोषसिद्धि एवं तीन साल की कैद की सजा के खिलाफ तीन वकीलों के मार्फत अपील की है।