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पैरों के निशान साबित करते हैं कि इंसानों ने हजारों साल पहले अमेरिका को आबाद किया था

By भाषा | Updated: September 26, 2021 16:39 IST

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(मैथ्यू रॉबर्ट बेनेट और सैली क्रिस्टीन रेनॉल्ड्स, बोनमथ विश्वविद्यालय)

बोनमथ (ब्रिटेन), 26 सितंबर (द कन्वरसेशन) मानव ने लगभग 1,00,000 साल पहले अफ्रीका से पलायन करना शुरू कर दिया था। अंटार्कटिका के अलावा अमेरिका अंतिम महाद्वीप था, जहां तक मानव पहुंचे। हमारे पूर्वजों ने बेरिंग भूमि पुल को पार किया जो कभी पूर्वी साइबेरिया को उत्तरी अमेरिका से जोड़ता था। यह हिस्सा अब जलमग्न हो चुका है।

करीब 10,000 साल पहले समाप्त हुए प्लाइस्टोसिन हिमयुग के दौरान बड़ी बर्फ की चादरों ने यूरोप और उत्तरी अमेरिका के अधिकांश हिस्से को ढक लिया। इन बर्फ की चादरों के अंदर दबे पानी ने समुद्र के स्तर को कम कर दिया, जिससे लोग आर्कटिक से अलास्का तक एशिया से पुल पर जा सकते थे। लेकिन, पिछले हिमनद चक्र के चरम के दौरान दक्षिण में अमेरिका में उनका मार्ग चौड़ी बर्फ की चादर से अवरुद्ध हो गया था।

अब तक वैज्ञानिकों का मानना ​​था कि जब यह बर्फ पिघलनी शुरू हुई थी यानि सबसे पहले, 16,500 साल पहले उस वक्त मनुष्य केवल दक्षिण में अमेरिका की यात्रा करते थे। लेकिन, शोधकर्ताओं ने मनुष्यों के पैरों के निशान का पता लगाया है जिससे संकेत मिलता है कि इंसानों ने हजारों साल पहले महाद्वीप पर पैर रखा था।

न्यू मेक्सिको के व्हाइट सैंड्स नेशनल पार्क में खोजे गए इन पैरों के निशान, किशोरों, बच्चों और वयस्कों के एक समूह के थे और लगभग 23,000 साल पहले अंतिम हिमनदों की अधिकतम ऊंचाई पर ये मिले हैं। यह उन्हें संभावित रूप से अमेरिका में मानव की प्रजातियों का सबसे पुराना सबूत बनाता है। यह निष्कर्ष इस विचार का समर्थन करते हैं कि मानव उत्तरी अमेरिका के दक्षिणी भाग में अंतिम हिमनद शिखर से पहले मौजूद थे। यह ऐसा सिद्धांत है जिस पर अब तक विवाद रहा है और यह संभावित अविश्वसनीय साक्ष्य पर आधारित है।

सफेद बालू की परतों पर हजारों जीवाश्म पैरों के निशान हैं। ये निशान बताते हैं कि कैसे प्रागैतिहासिक मानवों ने कोलंबियाई हाथियों और विशाल भालुओं की तरह हिमयुग मेगाफौना का सामना किया।

पैरों के निशान इस बात का स्पष्ट प्रमाण देते हैं कि लोग अमेरिका में पिछले हिमनदों की अधिकतम ऊंचाई पर थे न कि कुछ समय बाद जैसा कि पहले सोचा गया था। अमेरिका के लोगों और मूल अमेरिकियों की आनुवंशिक संरचना के बारे में हमारी समझ के लिए यह एक बड़ी बात है।

यह खोज अमेरिका में अन्य पुरातात्विक स्थलों के बारे में अटकलों को फिर से बल दे सकती है। उनमें से एक मेक्सिको में चिकिहुइते गुफा है। पुरातत्वविदों ने हाल में दावा किया था कि इस गुफा के साक्ष्य से पता चलता है कि सफेद रेत पर मिले निशान के लगभग 7,000 साल पहले यानि इंसानों ने लगभग 30,000 साल पहले अमेरिका में मौजूदगी बना ली थी।

हालांकि, चिकिहुइते गुफा के निष्कर्ष पर विवाद है क्योंकि पत्थर के औजारों की व्याख्या करना मुश्किल हो सकता है और पत्थर जैसे उपकरण प्राकृतिक प्रक्रियाओं के माध्यम से बने हो सकते हैं। पत्थर के औजार तलछट और चट्टान की परतों के बीच इधर-उधर हुए हो सकते हैं। लेकिन जीवाश्म पैरों के निशान आगे नहीं बढ़ सकते। वे मिट्टी या बर्फ की परत पर होते हैं, और इसलिए इस बात का अधिक विश्वसनीय प्रमाण प्रदान करते हैं कि इंसानों की वहां कब मौजूदगी थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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