वाशिंगटन: अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव में धांधली संबंधी पोस्ट लगातार करने पर माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट पर बुधवार को 12 घंटे के लिए रोक लगा दी। ट्विटर ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ट्रंप ने नियमों का उल्लंघन किया तो उनके अकाउंट पर स्थायी रूप से रोक लगा दी जाएगी। इससे पहले ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब ने ट्रंप का वीडियो हटा दिया था जिसमें वह बुधवार को अपने समर्थकों से ‘घर जाने’ की अपील कर रहे थे और राष्ट्रपति चुनाव में धांधली होने की बात के रहे थे।
कैपिटोल परिसर में प्रदर्शनकारियों के घुसने के करीब दो घंटे बाद ट्रंप ने यह वीडियो पोस्ट किया था। प्रदर्शनकारी इलेक्टोरल कॉलेज के नतीजों पर संसद के संयुक्त सत्र में व्यवधान डालना चाहते थे। इस सत्र में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की जीत की पुष्टि होनी थी। फेसबुक के उपाध्यक्ष गॉय रोसेन ने बुधवार को कहा वीडियो को हटा दिया गया है क्योंकि इससे ‘‘हिंसा और भड़केगी’’।
अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हजारों समर्थक अमेरिकी कैपिटोल में घुस गए और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई। इन घटनाओं में एक महिला की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए साथ ही नए राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन के नाम पर मोहर लगाने की संवैधानिक प्रक्रिया बाधित हुई। बुधवार को कांग्रेस के सदस्य इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की गिनती कर रहे थे, इसी दौरान बड़ी संख्या में ट्रंप के समर्थक सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए कैपिटोल बिल्डिंग में घुस गए। पुलिस को इन प्रदर्शनकारियों को काबू करने में काफी मश्क्कत का सामना करना पड़ा।
इन हालात में प्रतिनिध सभा और सीनेट तथा पूरे कैपिटोल को बंद कर दिया गया। उपराष्ट्रपति माइक पेंस और सांसदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। समाचार चैनल ‘सीएनएन’ ने मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के एक प्रवक्ता के हवाले से एक खबर में कहा कि एक महिला जिसे गोली मारी गई थी उसकी मौत हो गई है। प्रदर्शनकारियों के हमले में कई अधिकारी घायल हो गए हैं। बिगड़ते हालात के बीच राष्ट्रीय राजधानी में कर्फ्यू लगा दिया गया। लेकिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आए।