लाइव न्यूज़ :

राजनीतिक विज्ञापनों को सीमित करेगा यूरोपीय संघ

By भाषा | Updated: November 25, 2021 22:37 IST

Open in App

ब्रसेल्स, 25 नवंबर (एपी) यूरोपीय संघ (ईयू) ने चुनावों को प्रभावित करने वाले राजनीतिक विज्ञापनों के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए बृहस्पतिवार को लोगों को यह समझने में मदद के लिए योजनाएं जारी की कि वे कब ऐसे विज्ञापन ऑनलाइन देख रहे हैं और उनके लिए कौन जिम्मेदार है।

इन प्रस्तावों का मकसद निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव या जनमत संग्रह सुनिश्चित करना है। इन प्रस्तावों में बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंचने के लिए उपयोग की जाने वाली तकनीकों पर भी प्रतिबंध लगाने की बात की गयी है, अगर वे किसी नागरिक की अनुमति के बिना जातीय मूल, धार्मिक आस्था या यौन अभिरूचि जैसे संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग करते हैं।

यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष वेरा योरोवा ने कहा, ‘‘लोगों को पता होना चाहिए कि वे कोई विज्ञापन क्यों देख रहे हैं, इस विज्ञापन के लिए किसने और कितना भुगतान किया... नयी प्रौद्योगिकियां मुक्ति के लिए औजार होनी चाहिए, हेराफेरी के लिए नहीं।"

यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा, आयोग को उम्मीद है कि यूरोपीय संसद और 27 सदस्य देश 2023 तक राष्ट्रीय कानून में प्रस्तावों पर चर्चा कर उसका समर्थन करेंगे। इसका पालन नहीं करने पर राजनीतिक दलों, संगठनों और कंपनियों को जुर्माना भरना पड़ेगा।

योजना के अनुसार राजनीतिक विज्ञापनों को स्पष्ट करना होगा और प्रायोजक के नाम को प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा तथा यह बताना होगा कि विज्ञापन की लागत कितनी है और इसके लिए धन कहां से आया है।

डिजिटल विज्ञापन क्षेत्र की दो प्रमुख कंपनियों - फेसबुक और गूगल सहित विभिन्न कंपनियों को नियम का पालन करने में विफल रहने पर जुर्माना देना पड़ सकता है।

फेसबुक ने इस कदम का स्वागत किया है। कंपनी को राजनीतिक विज्ञापनों में पारदर्शिता की कमी को लेकर भारी आलोचना का सामना करना पड़ा है। कंपनी ने कहा कि वह लंबे समय से राजनीतिक विज्ञापनों पर यूरोपीय संघ के विनियमन का आह्वान करती रही है और उसे इस बात से खुशी है कि आयोग का प्रस्ताव कई कठिन प्रश्नों को संबोधित करता है। कंपनी ने हाल ही में अपना नाम बदलकर मेटा नाम रखा है।

गूगल ने इस विषय पर टिप्पणी के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया वहीं 2019 में सभी राजनीतिक विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने वाले मंच ट्विटर ने कहा कि उसका मानना ​​​​है कि "राजनीतिक पहुंच प्राप्त की जानी चाहिए, खरीदी नहीं जानी चाहिए।" ट्विटर ने कहा कि उसने भी कई प्रकार के विज्ञापनों को प्रतिबंधित करते हुए उन्हें हटा दिया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेट3 मैच, 22 रन, 2 चौके, 1 छक्का और 19 गेंद?, टी20 विश्व कप में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले संजू सैमसन क्यों आईपीएल में हो रहे फेल?, सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट

भारतकौन थे डॉ. मणि छेत्री?, 106 वर्ष की आयु में निधन

भारतपवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने दो प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं, सीएम सरमा ने कहा-फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने बात रखते हैं तो IPC की धारा 420 और 468 लगती है?

क्रिकेटगांगुली और रोहित क्लब में शामिल होंगे गायकवाड़, केवल 1 मैच दूर?, आईपीएल में भारतीय कप्तानों द्वारा लगातार हारे गए मैच?

भारतपश्चिम एशिया युद्धः ओमान तट के निकट ड्रोन बोट हमले में जान गंवाने वाले 25 वर्षीय नाविक दीक्षित सोलंकी का शव मुंबई लाया

विश्व अधिक खबरें

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला