लाइव न्यूज़ :

इक्वाडोर की अदालत ने जूलियन असांजे की नागरिकता रद्द की

By भाषा | Updated: July 28, 2021 09:42 IST

Open in App

क्वीटो, 28 जुलाई (एपी) इक्वाडोर ने विकीलीक्स के संस्थापक और इस समय ब्रिटेन की जेल में बंद जूलियन असांजे की नागरिकता रद्द कर दी है।

इक्वाडोर की न्याय प्रणाली ने दक्षिण अमेरिकी देश के विदेश मंत्रालय द्वारा दायर एक दावे के जवाब में एक पत्र में ऑस्ट्रेलियाई नागरिक असांजे को उनकी नागरिकता रद्द किए जाने के बारे में आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया।

किसी विदेशी को देश में निश्चित समय तक रहने के बाद मिली नागरिकता को तब हानिकारक माना जाता है, जब इसे प्रासंगिक तथ्यों को छिपाकर, झूठे दस्तावेजों या धोखाधड़ी के आधार पर दिया गया हो। इक्वाडोर के अधिकारियों ने कहा कि असांजे को दी नागरिकता के संबंध में कई विसंगतियां, अलग-अलग हस्ताक्षर, दस्तावेजों से संभावित छेड़छाड़, शुल्क का भुगतान नहीं करना और अन्य समस्याएं पाई गई हैं।

असांजे के वकील कार्लोस पोवेदा ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि फैसला उचित प्रक्रिया के बिना किया गया और असांजे को मामले में पेश होने की अनुमति नहीं दी गई। पोवेदा ने कहा कि वह निर्णय के स्पष्टीकरण के लिए अपील दायर करेंगे।

पावेदा ने कहा, ‘‘नागरिकता की महत्ता से अधिक यह अधिकारों का सम्मान करने और नागरिकता वापस लेने के लिए उचित प्रक्रिया का पालन करने का मामला है।’’

असांजे को जनवरी 2018 में इक्वाडोर की नागरिकता प्राप्त हुई थी। इक्वाडोर के विदेश मंत्रालय ने एपी को बताया कि अदालत ने ‘‘पिछली सरकार के समय के मामले और उसी सरकार द्वारा उठाए गए मामले में स्वतंत्र रूप से काम किया और उचित प्रक्रिया का पालन किया।’’

50 वर्षीय असांजे लंदन की उच्च सुरक्षा वाली बेलमर्श जेल में हैं। उन्हें अप्रैल 2019 में गिरफ्तार किया गया था। असांजे ने इक्वाडोर के लंदन दूतावास में सात साल बिताए, जहां से वह 2012 में बलात्कार और यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना करने के लिए स्वीडन में प्रत्यर्पित किए जाने से बचने के लिए भाग गए थे। स्वीडन ने लंबा समय बीत जाने के कारण नवंबर 2019 में यौन अपराधों की जांच बंद कर दी थी।

अमेरिकी अभियोजकों ने लीक सैन्य और राजनयिक दस्तावेजों के विकीलीक्स द्वारा प्रकाशन को लेकर असांजे पर जासूसी के मामले में 17 आरोप और कंप्यूटर के दुरुपयोग के मामले में एक आरोप लगाया था। इन आरोपों के सही साबित होने पर अधिकतम 175 साल की जेल की सजा हो सकती है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठRashifal 09 April 2026: लग्जरी आइटम खरीदने में पैसा होगा खर्च, इन 4 राशिवालों के सितारे बुलंद

भारतAssembly elections 2026: केरल में 140, असम में 126 और पुडुचेरी में 30 सीट पर वोटिंग?, जानिए कब होंगे मतगणना

पूजा पाठPanchang 09 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

कारोबार16वीं वार्षिक रिपोर्टः देश में विदेशी छात्रों की संख्या बढ़ना सुकूनदेह

भारतSummer Special Trains 2026: गर्मियों की छुट्टियों के लिए रेलवे चला रहा है स्पेशल ट्रेनें, जानें रूट और टाइमिंग

विश्व अधिक खबरें

विश्वलेबनान में इजरायली हमला, 254 लोगों की मौत और 700 घायल, युद्धविराम के बावजूद अटैक जारी?

विश्वइजरायल ने किया अमेरिका के सीजफायर का समर्थन, मगर हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग रहेगी जारी

विश्वझुके ट्रंप? अमेरिका के 2 हफ्तों के युद्धविराम को ईरान ने बताया ऐतिहासिक जीत, कही ये बात

विश्वइस ड्रोन और उस ड्रोन में कितना फर्क है...!

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत ईरान?, 14 दिन बमबारी और हमले रोकने को तैयार राष्ट्रपति ट्रंप?, पाकिस्तान के पीएम शरीफ क्या बोले?