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Corona Medicine: कोविड-19 के इलाज में मिली बड़ी सफलता, डेक्सामेथासोन दवा के इस्तेमाल से गंभीर मरीजों में 35 फीसदी कम हुई मृत्यु दर

By सुमित राय | Updated: June 16, 2020 21:09 IST

दुनियाभर में कोरोना वायरस की दवा बनाने के लिए काम चल रहा है और इस बीच शोधकर्ताओं का कहना है कि डेक्सामेथासोन दवा कोविड-19 में कारगर साबित हो सकती है।

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ठळक मुद्देडेक्सामेथासोन दवा कोविड-19 के मरीजों को बचाने में कारगर हो सकती है।इसके इस्तेमाल से इस्तेमाल से गंभीर मरीजों की मृत्यु दर एक तिहाई तक घट गई है।

कोरोना वायरस संक्रमण का उपचार ढूंढने के लिए पूरी दुनिया में रिसर्च चल रहा है और दुनियाभर के शोधकर्ता इस महामारी के रोकथाम के लिए वैक्सीन बनाने के काम में लगे हैं। इस बीच एक ऐसी दवा का प्रमाण मिला है जो कोविड-19 के मरीजों को बचाने में कारगर हो सकती है।

इंग्लैंड में शोधकर्ताओं का कहना है कि डेक्सामेथासोन नामक स्टेराइड के इस्तेमाल से कोरोना वायरस से गंभीर रूप से बीमार मरीजों की मृत्यु दर एक तिहाई तक घट गई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि डेक्सामेथासोन काफी सस्ती है और कोरोना से बीमार मरीजो की जान बचाने में मदद कर सकती है।

गंभीर मरीजों में मरने का जोखिम करीब एक तिहाई हो जाता है कम

शोधकर्ताओं का कहना है कि डेक्सामेथासोन के उपयोग से कोरोना से गंभीर रूप से बीमार मरीजों के मरने का जोखिम करीब एक तिहाई इस दवा की वजह से कम हो जाता है। जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है, उनमें पांचवें हिस्से के बराबर मरने का जोखिम कम हो जाता है। मंगलवार को नतीजों की घोषणा की गई और जल्द ही अध्ययन को प्रकाशित किया जाएगा।

डेक्सामेथासोन दवा से गंभीर मरीजों की मृत्यु दर 35 प्रतिशत तक घट गई। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

दवा के इस्तेमाल से 35 प्रतिशत घटी मृत्यु दर

अध्ययन के मुताबिक सख्ती से जांच करने और औचक तौर पर 2104 मरीजों को दवा दी गई और उनकी तुलना 4321 मरीजों से की गई, जिनकी साधारण तरीके से देखभाल हो रही थी। दवा के इस्तेमाल के बाद श्वसन संबंधी मशीनों के साथ उपचार करा रहे मरीजों की मृत्यु दर 35 प्रतिशत तक घट गई। जिन लोगों को ऑक्सीजन की सहायता दी जा रही थी उनमें भी मृत्यु दर 20 प्रतिशत कम हो गयी।

महंगी भी नहीं है डेक्सामेथासोन दवा

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ता पीटर होर्बी ने एक बयान में कहा, "ये काफी उत्साहजनक नतीजे हैं। मृत्यु दर कम करने में और ऑक्सीजन की मदद वाले मरीजों में साफ तौर पर इसका फायदा हुआ। इसलिए ऐसे मरीजों में डेक्सामेथासोन का इस्तेमाल होना चाहिए। डेक्सामेथासोन दवा महंगी भी नहीं है और दुनियाभर में जान बचाने के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है।"

इसी अध्ययन में कहा गया था कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन कोरोना के उपचार में उपयोगी नहीं है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन कोरोना के उपचार में उपयोगी नहीं

हाल में इसी अध्ययन में कहा गया था कि मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन कोरोना वायरस के उपचार में उपयोगी नहीं है। अध्ययन के तहत इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में 11,000 से ज्यादा मरीजों को शामिल किया गया था।(भाषा से इनपुट)

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