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गाय के पेट में प्लास्टिक को खत्म करने की अद्भुत ताकत, शोध का खुलासा- हरा और शाकाहारी खाना है कारण

By अभिषेक पारीक | Updated: July 6, 2021 21:55 IST

गाय को लेकर तमाम तरह की बहस के बीच एक शोध ने ध्यान खींचा है। शोध के मुताबिक गाय के पेट में एक ऐसा एंजाइम होता है, जो खास तरह के प्लास्टिक को पिघला सकता है और उसे तोड़ सकता है या फिर रिसाइकिल कर सकता है।

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ठळक मुद्देगाय के पेट में एक ऐसा एंजाइम होता है, जो प्लास्टिक को पिघला सकता है। यह शोध यूनिवर्सिटी ऑफ मिनिसोटा के शोधकर्ताओं ने किया है। घास और शाकाहारी खाना खाने के कारण गाय प्लास्टिक पिघला सकती है। 

गाय को लेकर तमाम तरह की बहस के बीच एक शोध ने ध्यान खींचा है। शोध के मुताबिक गाय के पेट में एक ऐसा एंजाइम होता है, जो खास तरह के प्लास्टिक को पिघला सकता है और उसे तोड़ सकता है या फिर रिसाइकिल कर सकता है। इसके बाद माना जा रहा है कि भविष्य में प्लास्टिक के कचरे को रिसाइकिल करने के लिए गाय के पेट में पाए जाने वाले एंजाइम का इस्तेमाल किया जा सकता है। 

यह शोध यूनिवर्सिटी ऑफ मिनिसोटा के शोधकर्ताओं ने किया है। उन्होंने अपने शोध में बताया है कि गाय के पेट में पॉलीइथाइलीन टेरेप्थेलेट से बनने वाली सोडे की बोतलों, खाने के पैकेट और सिंथेटिक फैब्रिक को आसानी से पिघलाया और रिसाइकिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि गाय के पेट का सबसे बड़ा हिस्सा रयूमन होता है, जिसमें बनने वाले तरल पदार्थ में बहने वाला माइक्रोब होता है। यह गाय के साथ भेड़ों के पेट में भी पाया जाता है। 

गाय द्वारा बहुत ज्यादा घास और शाकाहारी खाना खाने के कारण यह प्लास्टिक को पिघला सकती है। यह खाना खाने से उसके शरीर में प्राकृतिक रूप से पॉलिस्टर उत्पादित होता है, जिसे कटिन कहा जाता है। पीईटी प्लास्टिक में भी यही पाया जाता है। 

कई खाद्य पदार्थों में कटिन की परत

विएना की यूनिवर्सिटी ऑफ नेचुरल रिसोर्सेज एंड लाइफ साइंसेज में सीनियर साइंटिस्ट डोरिस रिबिट्श का कहना है कि कटिन से फलों और सब्जियों में चिकनाहट और चमक आती है। जैसे सेब और टमाटर जैसे खाद्य पदार्थों में कटिन की परत देखी जा सकती है। जब भी कोई फंगस या बैक्टीरिया इन फल-सब्जियों पर हमला करता है, कटिन एक एंजाइम छोड़ना शुरू कर देता है, जिसे कटिनेसेस कहा जाता है। जिससे कटिन तरल पदार्थ में तब्दील हो जाते हैं और हानिकारक पदार्थ सिर्फ एक हिस्से तक ही सीमित हो जाते हैं। 

पेड़-पौधें खाने के कारण माइक्रोब्स का मिलना संभव

डोरिस रिबिट्स का कहना है कि उन्हें कटिनेसेस एंजाइम को माइक्रोब्स से अलग करने में सफलता पाई है। बाद में उन्होंने देखा कि गाय के पेट में भी यही एंजाइम पाया जाता है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधों को खाने के कारण गाय के पेट में ाइक्रोब्स का मिलना संभव है, जो प्लास्टिक को पचाने वाले कटिनेसे बनाते होंगे। यह स्टडी फ्रंटियर्स इन बायोइंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी में प्रकाशित हुई है। 

98 फीसद हिस्सा बैक्टीरिया किंगडम का

डोरिस और उनकी टीम ने रयूमेन का डीएनए सैंपल लिया तो उन्हें विशेष प्रकार के माइक्रोब्स का पता चला। सैंपल में 98 फीसद हिस्सा बैक्टीरिया किंगडम का पाया गया। सबसे बड़ा बैक्टीरिया स्यूडोमोनास पाया गया, जो प्लास्टिक को बहुत ही तेजी से तोड़ता है। 

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