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अफ्रीकी संघ के दूत ने ईयू, कोवैक्स की आलोचना की, कहा-‘एक भी खुराक, एक भी शीशी नहीं छोड़ी’

By भाषा | Updated: July 1, 2021 17:35 IST

‘कोवैक्स’ ने महत्वूपर्ण सूचना दबा कर रखी, जिसमें यह भी शामिल है कि मुख्य दानदाताओं ने कोष उपलब्ध कराने के वादे को पूरा नहीं किया है।

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ठळक मुद्देकोवैक्स विश्व को न्यायसंगत तरीके से टीके उपलब्ध कराने की एक वैश्विक पहल है। अफ्रीकी आबादी के मात्र एक प्रतिशत हिस्से का कोविड-19 का पूर्ण टीकाकरण हुआ है।अफ्रीका को 70 करोड़ खुराक की आपूर्ति करने का वादा किया था।

नैरोबीः अफ्रीका महाद्वीप के लिए कोविड-19 टीके हासिल करने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहे अफ्रीकी संघ के विशेष दूत ने यूरोप की बृहस्पतिवार को कड़ी आलोचना की, क्योंकि महामारी की तीसरी लहर के जोर पकड़ने के बीच उनका महाद्वीप टीकाकरण को लेकर संघर्ष कर रहा है।

स्ट्राइव मसीयीवा ने कहा कि यूरोपीय फैक्टरी ने ‘‘एक भी खुराक, एक भी शीशी अफ्रीका के लिए नहीं छोड़ी है। ’’ उन्होंने निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों को टीका वितरित करने की वैश्विक कोशिश को भी निशाना बनाते हुए कहा कि ‘कोवैक्स’ ने महत्वूपर्ण सूचना दबा कर रखी, जिसमें यह भी शामिल है कि मुख्य दानदाताओं ने कोष उपलब्ध कराने के वादे को पूरा नहीं किया है।

कोवैक्स विश्व को न्यायसंगत तरीके से टीके उपलब्ध कराने की एक वैश्विक पहल है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यदि अफ्रीकी देश यह जानते तो हमने कोई दूसरा कदम उठाया होता। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘कई देश महज यह कह रहे हैं कि टीके आ रहे हैं...हम अफ्रीकी हताश है। ’’

रोग नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए अफ्रीकी केंद्र के प्रमुख जॉन नेंगासोंग ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ अफ्रीका महाद्वीप के 1.3 अरब लोग अब तीसरी लहर का सामना कर रहे हैं, जो अत्यधिक आक्रामक है। ’’ उन्होंने कहा कि अफ्रीकी आबादी के मात्र एक प्रतिशत हिस्से का कोविड-19 का पूर्ण टीकाकरण हुआ है।

मासीयीवा ने कहा कि कोवैक्स ने दिसंबर तक अफ्रीका को 70 करोड़ खुराक की आपूर्ति करने का वादा किया था, लेकिन साल के मध्य तक अफ्रीका को महज 6.5 करोड़ खुराक ही मिली है। कोवैक्स के मार्फत पांच करोड़ से भी कम खुराक आई है।

हालांकि, दोनों ने घोषणा की कि अमेरिकी सहायता से जॉनसन ऐंड जॉनसन और फाइजर टीकों की पहली खेप अगले हफ्ते आ रही है। अफ्रीका सीडीसी निदेशक ने कहा कि अफ्रीका महाद्वीप में 55 लाख लोग वायरस से संक्रमित हुए हैं और पिछले हफ्ते मृत्यु दर में 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 

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