लाइव न्यूज़ :

प्रेस की आजादी पर शिकंजा कसने के लिये किया जा रहा कोरोना वायरस महामारी का इस्तेमाल: रिपोर्ट

By भाषा | Updated: May 4, 2020 05:24 IST

रिपोर्ट में कहा गया है कि तानाशाही व्यवस्था वाले देशों की सरकारें "स्वतंत्र मीडिया पर शिकंजा कसने के लिए उसपर आपातकालीन फैसले थोप रही हैं जबकि लोकतांत्रिक देशों में जनमत को नियंत्रित करने और लोगों को कोरोना वायरस को लेकर सरकार की गलत नीतियों के बारे में जानकारी हासिल करने से रोकने के प्रयास बढ़ रहे हैं।

Open in App
ठळक मुद्देप्रेस की आजादी को कम करने के लिये दुनियाभर की सरकारें कोरोना वायरस महामारी का इस्तेमाल कर रही हैं।एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया अधिकार समूह ने रविवार को यह बात कही है।

प्रेस की आजादी को कम करने के लिये दुनियाभर की सरकारें कोरोना वायरस महामारी का इस्तेमाल कर रही हैं। एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया अधिकार समूह ने रविवार को यह बात कही है।

अंतरराष्ट्रीय प्रेस संस्थान ने 'विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2020' विषय पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस कोरोना वायरस महामारी के दौरान लोकतांत्रिक और तानाशाही व्यवस्था वाले देशों की सरकारों को गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के बहाने मीडिया पर नियंत्रण करने का मौका मिल गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि तानाशाही व्यवस्था वाले देशों की सरकारें "स्वतंत्र मीडिया पर शिकंजा कसने के लिए उसपर आपातकालीन फैसले थोप रही हैं जबकि लोकतांत्रिक देशों में जनमत को नियंत्रित करने और लोगों को कोरोना वायरस को लेकर सरकार की गलत नीतियों के बारे में जानकारी हासिल करने से रोकने के प्रयास बढ़ रहे हैं।

वियना स्थित संगठन ने कहा कि बीते ढाई महीने के दौरान उसके सामने कोरोना वायरस कवरेज से संबंधित प्रेस स्वतंत्रता के उल्लंघन के 162 मामले आए हैं, जिनमें से एक तिहाई मामलों में पत्रकारों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ मामले दर्ज किये गए।

यह रिपोर्ट इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स के एक सर्वेक्षण के प्रकाशित होने के तीन दिन बाद आई है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान दुनिया भर में पत्रकारों की स्थिति खराब हो गई है। इस दौरान पत्रकारों की नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है और मीडिया की आजादी पर हमले हुए हैं।

गौरतलब है कि रविवार को दुनियाभर में विश्व पत्रकारिता स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। 1993 में संयुक्त राष्ट्र की घोषणा के बाद से हर साल तीन मई को विश्व पत्रकारिता स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।

टॅग्स :कोरोना वायरससीओवीआईडी-19 इंडियाकोरोना वायरस इंडियापत्रकारलोकमत हिंदी समाचार
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्यLMOTY 2026: हजारों मरीजों के लिए आशा की किरण?, डॉ. गौतम भंसाली को 'लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026' पुरस्कार

भारतRam Rahim Acquitted: पत्रकार छत्रपति की हत्या के आरोप से बरी हुआ राम रहीम, 24 साल पुराने केस में हाईकोर्ट ने किया फैसला

भारतबिहार में पत्रकारों को पेंशन देने का मामला उठा विधानसभा में, सरकार ने कहा-पत्रकार पेंशन योजना का लाभ 20 वर्ष की सेवा अवधि वाले पत्रकारों को ही मिलेगा

विश्वईमानदार पत्रकारिता की मिसाल थे मार्क टली

विश्व अधिक खबरें

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा