लाइव न्यूज़ :

कोरोना महामारी पर चीन को लेकर बड़ा खुलासा, कोविड-19 पर 6 दिन तक जनता से छुपाई थी बात

By विनीत कुमार | Updated: April 16, 2020 12:35 IST

Coronavirus: दरअसल, चीन हमेशा से कहता रहा है कि उसने कोरोना को लेकर शुरुआत में कोई जानकारी नहीं छुपाई थी और WHO को समय रहते इस बारे में सूचित किया था।

Open in App
ठळक मुद्देचीन ने शुरुआत में कोरोना से जुड़ी जानकारी छुपाने की कोशिश की थी, रिपोर्ट में खुलासा शी जिनपिंग ने 20 जनवरी को पहली बार लोगों को चेतावनी दी, तब तक 3000 लोग हो चुके थे संक्रमित

भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के जारी कहर के बीच चीन में इस बीमारी के शुरुआती दिनों को लेकर एक बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार कोरोना के केस मिलने के शुरुआती 6 दिनों में शीर्ष चीनी अधिकारियों को अंदाजा लग गया था कि उनका सामना एक वैश्विक महामारी से होने जा रहा है।

इसके बावजूद उन्होंने इस बात को छिपा कर रखा। यही नहीं, बीमारी के केंद्र रहे वुहान शहर में हजारों लोगों के लिए एक बड़े भोज का आयोजन भी इस दौरान हुआ और साथ ही लाखों ने चीन में नए साल के समारोह के लिए यात्रा भी शुरू कर दी थी।

कोरोना संक्रमण मामले चीन में बढ़ने के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सातवें दिन, यानी 20 जनवरी को जनता को आगाह किया। न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस द्वारा हासिल किए गए कुछ दस्तावेजों के अनुसार प्राप्त आंतरिक दस्तावेजों और पूर्वव्यापी अनुमानों के आधार पर प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सातवें दिन, 20 जनवरी को जनता को आगाह किया था। हालांकि उस समय तक, लगभग 3000 लोग संक्रमित हो चुके थे। यह जानकारी इन दस्तावेजों पर कुछ विशेषज्ञों के अनुमान के बाद सामने आई है।

चीनी अधिकारियों द्वारा 14 जनवरी से 20 जनवरी तक की गलती इसलिए भी अहम है क्योंकि दुनिया भर की सरकारें इस वायरस के प्रकोर को रोकने के लिए महीने भर से प्रयास कर रही हैं। दूसरी सरकारों ने भी इसके खतरनाक स्तर को समझने में गलती की लेकिन पहले चरण में चीन की लापरवाही से ये अब 20 लाख लोगों तक पहुंच गया है।

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्नियां में एपिडेमियोलॉजिस्ट जूओ-फेंग झांग के अनुसार, 'अगर उन्होंने (चीन) ने पहले एक्शन लिया होता तो मरीजों की संख्या बहुत कम होती और हमारे पास उचित मेडिकल संसाधन भी मौजूद रहते।'

दस्तावेजों से पता चलता है कि चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के प्रमुख मा शियाओवेई ने प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ एक गोपनीय आकलन 14 जनवरी को किया था। एक ज्ञापन (मेमो) में कहा गया है कि कोरोना वायरस पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग, प्रीमियर ली केकियांग और वाइस प्रीमियर सन चुनान से निर्देशों को हासिल करने के लिए टेलीकांफ्रेंस भी आयोजित की गई थी। हालांकि, ये स्पष्ट नहीं है कि वे निर्देश क्या थे।

इस मेमो में ये भी कहा गया है कि 'महामारी की स्थिति अभी गंभीर और जटिल है। यह 2003 में SARS के बाद से सबसे गंभीर चुनौती है, और एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती में बदल सकती है।

टॅग्स :कोरोना वायरसचीन
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारअमेरिका-इजराइल ईरान युद्ध के बीच रूस का खामोश खेल

विश्वक्या जख्म पर मरहम लगाएंगे बालेन शाह?

विश्वईरान के साथ युद्ध और यात्रा स्थगित?, 14 और 15 मई को चीन जाएंगे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, देखिए शेयडूल

कारोबारईरानी निशाने पर इजराइल नहीं, खाड़ी के देश!

कारोबारपश्चिम एशिया संकटः यूरिया का उत्पादन 50 प्रतिशत कम, गैस आपूर्ति घटकर 60-65 प्रतिशत, एक्शन में मोदी सरकार?

विश्व अधिक खबरें

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा