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China COVID Case: चीन में कोरोना से कोहराम, दिसंबर की शुरुआत से कोविड-19 से लगभग 60000 लोगों की मौत

By सतीश कुमार सिंह | Updated: January 14, 2023 17:01 IST

China COVID Case: चीन सरकार ने महामारी रोधी कदमों को अचानक हटाने के बाद दिसंबर की शुरुआत में कोविड-19 के मामलों और इससे होने वाली मौतों का आंकड़ा देना बंद कर दिया था।

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ठळक मुद्देयात्रियों को कोरोना वायरस जांच की ‘नेगेटिव रिपोर्ट’ प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी।लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं, मास्क लगाने की भी सिफारिश की है।यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा की सलाह पर यह निर्णय किया गया है।

बीजिंगः चीन ने डेटा जारी करने में विफलता की शिकायतों के बाद दिसंबर की शुरुआत से कोविड-19 से लगभग 60000 लोगों की मौत की सूचना दी है। एपी की रिपोर्ट में दावा किया गया है। कई देशों ने चीन से आने वाले यात्रियों के लिए कोविड-19 की जांच को अनिवार्य बनाया है।

महामारी की स्थिति पर आंकड़े जारी करने में सरकार की विफलता को लेकर की जा रही आलोचनाओं के बाद यह कदम सामने आया है। सरकार के अनुसार मरने वालों में सांस संबंधी दिक्कत के कारण 5,503 लोगों और कोविड-19 के साथ अन्य बीमारियों के चलते 54,435 लोगों की मौत हुई है।

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि ये मौत अस्पतालों में हुईं। इससे यह संभावना भी है कि घरों में भी लोगों की मौत हुई होगी। चीन सरकार ने महामारी रोधी कदमों को अचानक हटाने के बाद दिसंबर की शुरुआत में कोविड-19 के मामलों और इससे होने वाली मौतों का आंकड़ा देना बंद कर दिया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन से इस बारे में अधिक जानकारी देने को कहा था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के यूरोप कार्यालय के निदेशक हंस क्लूज ने कहा है कि चीन में कोरोना वायरस के प्रसार के बावजूद फिलहाल यूरोपीय क्षेत्र में बड़े स्तर पर संक्रमण फैलने का कोई खतरा नहीं है। क्लूज ने कहा कि यह विश्लेषण चीन से डब्ल्यूएचओ को मिले आंकड़ों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि स्थिति पर नजर रखने के लिए देश से और अधिक तथा नियमित सूचनाओं की जरूरत होगी।

चीन फिलहाल कोविड संक्रमण और इससे होने वाली मौतों की गंभीर लहर का सामना कर रहा है। इसके बारे में समय-समय पर आधिकारिक जानकारी नहीं मिलने के कारण हम यह नहीं जानते कि यह लहर कितनी गंभीर है। लेकिन सभी संकेतों को देखते हुए ऐसा लगता है कि स्थिति भयावह है।

खबरों से पता चलता है कि अस्पताल और शवगृह भरे हुए हैं। चीन में यह नौबत कैसे आई और इससे कैसे निकला जा सकता है? कहा जा रहा है कि चीन में ‘जीरो कोविड पॉलिसी‘ के तहत लगी पाबंदियां दिसंबर की शुरुआत में हटाए जाने के कारण ही संक्रमण की यह मौजूदा लहर आई है, लेकिन यह पूरी तरह से सही नहीं है।

पाबंदियों में ढील दिए जाने से पहले ही चीन में मामले बढ़ रहे थे। मुझे लगता है कि टीकाकरण होने के बाद लंबे समय तक ‘जीरो कोविड रणनीति’ जारी रखना मामलों में बेतहाशा वृद्धि होने का कारण था। हम जानते हैं कि टीकाकरण से मिली प्रतिरक्षा कुछ महीने बाद खत्म हो जाती है।

एक अप्रकाशित अध्ययन में पता चला है कि पहली बूस्टर खुराक लेने के आठ महीने बाद संक्रमण से मिली हर तरह की सुरक्षा खत्म हो जाती है। गंभीर बीमारियों से मिली सुरक्षा लंबी चलती है, लेकिन उसका भी अंत हो जाता है।

चीन में फरवरी 2022 में टीकाकरण लगभग पूरा हो चुका था। लिहाजा शरद ऋतु के बाद संक्रमण से मिली सुरक्षा मोटे तौर पर खत्म होने लगी होगी। वैसे तो गंभीर बीमारियों से मिली सुरक्षा लंबी चलती है, लेकिन फिर भी यह खत्म हो ही जाती है।

(इनपुट एजेंसी)

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