अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा चीन, पूर्वी लद्दाख और सिक्किम के निकट सैनिकों के लिए स्थायी ढांचों का किया निर्माण

By अभिषेक पारीक | Updated: July 15, 2021 16:15 IST2021-07-15T15:54:53+5:302021-07-15T16:15:02+5:30

अपनी आक्रामक और विस्तारवादी नीतियों के लिए बदनाम चीन एक बार फिर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट बुनियादी ढांचे का निर्माण करने में जुटा है।

China construction of permanent structures for soldiers near East Ladakh and Sikkim | अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा चीन, पूर्वी लद्दाख और सिक्किम के निकट सैनिकों के लिए स्थायी ढांचों का किया निर्माण

फाइल फोटो

Highlightsआक्रामक और विस्तारवादी नीतियों के लिए बदनाम चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट बुनियादी ढांचे का निर्माण करने में जुटा है। सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वी लद्दाख के नजदीक बुनियादी ढांचों का निर्माण किया है। 

अपनी आक्रामक और विस्तारवादी नीतियों के लिए बदनाम चीन एक बार फिर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के निकट बुनियादी ढांचे का निर्माण करने में जुटा है। चीन ने अपने सैनिकों के लिए सिक्किम और पूर्वी लद्दाख के नजदीक बुनियादी ढांचों का निर्माण किया है। इससे साफ है कि चीन की सेना भारतीय सीमा के नजदीकी क्षेत्रों में रहने की पूरी तैयारी कर चुकी है।

चीन अपने सैनिकों को सीमा के नजदीक से हटाने को तैयार नहीं है। चीन ने सीमा के नजदीक कंक्रीट के स्थायी ढांचों का निर्माण शुरू कर दिया है, जिसमें उसके सैनिक आराम से रह सकें। भारतीय एजेंसियों ने सीमा के नजदीक कंक्रीट के स्थायी सैन्य शिविरों को देखा है। 

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, उत्तरी सिक्किम के नकुल इलाके में कुछ ही किमी की दूरी पर ऐसा ही एक शिविर चीन ने बनाया है। साथ ही पूर्वी लद्दाख के साथ अरुणाचल प्रदेश में भारतीय क्षेत्रों के काफी नजदीक ऐसी इमारतों का निर्माण किया गया है। 

सूत्रों के अनुसार, इन स्थायी ढांचों को आधुनिक सुख सुविधा के साथ बनाया जा रहा है और ढांचों के चारों ओर सुरक्षा प्रदान की गई है। भारतीय एजेंसियां चीन की हरकतों पर नजर रख रही हैं और इस मामले में होने वाले विभिन्न घटनाओं का आंकलन किया जा रहा है। 

पिछले कुछ समय से चीन सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को बेहतर करने में जुटा है। इस इलाके में पड़ने वाली भीषण ठंड के मौसम में चीन के सैनिकों को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। कंक्रीट की इमारतों से उन्हें ऐसी समस्याओं से नहीं जूझना होगा और जरूरत के वक्त चीनी सैनिक बहुत ही तेजी से एलएसी तक पहुंच सकते हैं। 

भारत और चीन के मध्य पिछले साल अप्रैल से ही सैन्य गतिरोध बना हुआ है। दोनों ही पक्षों के सैनिकों के मध्य कई बार झड़प भी हो चुकी है। हालांकि गतिरोध को दूर करने के लिए दोनों पक्षों की कई बैठक हो चुकी हैं, लेकिन अभी भी गतिरोध कम नहीं हुआ है। 

Web Title: China construction of permanent structures for soldiers near East Ladakh and Sikkim

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