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अगले साल भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन

By भाषा | Updated: December 15, 2020 16:53 IST

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लंदन.....नयी दिल्ली, 15 दिसंबर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन साल 2021 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। लंदन में डाउनिंग स्ट्रीट ने बताया कि पिछले वर्ष प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली बड़ी द्विपक्षीय यात्रा है और यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने के बाद यह यात्रा होगी।

वहीं भारत दौरे पर गए ब्रिटिश विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने नयी दिल्ली में मंगलवार को अपने देश द्वारा भारत का निमंत्रण स्वीकार किए जाने की पुष्टि की।

जॉनसन ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत को बड़ा देश बताते हुए मंगलवार को कहा कि उनका दौरा ‘ग्लोबल ब्रिटेन’ के लिए एक ‘उत्साहजनक वर्ष’ के तौर पर शुरू होगा और इससे द्विपक्षीय संबंधों में ‘‘काफी गति’’ आएगी।

डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा कि नए वर्ष के दौरे में रक्षा और सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं जलवायु परिवर्तन को मुख्य प्राथमिकता वाले क्षेत्र के तौर पर पहचाना गया है।

जॉनसन ने कहा, ‘‘मैं अगले वर्ष भारत दौरे को लेकर काफी खुश हूं जो ग्लोबल ब्रिटेन के लिए उत्साहजनक वर्ष होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मैंने जिन द्विपक्षीय संबंधों को हासिल करने का संकल्प लिया है उन्हें काफी गति देना चाहेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मुख्य देश होने के नाते भारत, यूनाइटेड किंगडम का महत्वपूर्ण सहयोगी है और हम नौकरी बढ़ाने एवं आर्थिक वृद्धि के लिए काम करेंगे, हमारी सुरक्षा के साझे खतरों से मुकाबला करेंगे और अपने ग्रह की रक्षा करेंगे।’’

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने मंगलवार को नयी दिल्ली में इस बारे में भारत का निमंत्रण स्वीकार किए जाने की जानकारी दी।

ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘ हमारे प्रधानमंत्री बोरिस जानसन ने भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है ।’’

भारत के स्वतंत्र होने के बाद जॉनसन ब्रिटेन के दूसरे प्रधानमंत्री हैं जो मुख्य अतिथि के तौर पर नयी दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होंगे। इससे पहले 1993 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जॉन मेजर मुख्य अतिथि बने थे।

गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने के निमंत्रण को ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जानसन द्वारा स्वीकार करने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, ‘‘ यह भारत ब्रिटेन संबंधों के नये युग की शुरूआत का प्रतीक होगा । ’’

इससे पहले मंगलवार को भारत यात्रा पर गए ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मुलाकात की । इस दौरान उन्होंने व्यापार, रक्षा, शिक्षा, पर्यावरण और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर वार्ता की।

दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की मुलाकात के बाद शिष्टमंडल स्तर की वार्ता भी हुई ।

राब ऐसे समय में भारत यात्रा पर हैं, जब ब्रिटेन ब्रेक्जिट के बाद व्यापार समझौता करने के लिए यूरोपीय संघ के साथ जटिल वार्ता कर रहा है। राब 14 दिसंबर से 17 दिसंबर तक की भारत यात्रा पर आए हैं।

नयी दिल्ली में बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संवाददाताओं को बताया कि ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब के साथ वार्ता में भारत एवं ब्रिटेन के संबंधों को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने अफगानिस्तान के हालात और खाड़ी देशों एवं हिंद-प्रशांत क्षेत्र संबंधी गतिविधियों की समीक्षा की । ’’

जयशंकर ने कहा, ‘‘ आतंकवाद और कट्टरवाद के कारण पैदा हुई चुनौतियों पर चर्चा की गई, जो साझा चिंताएं हैं । ’’

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बाद आर्थिक सुधार की गति तेज करने के लिये भारत-ब्रिटेन के बीच गठजोड़ महत्वपूर्ण है।

वहीं, ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कहा ‘‘ हम भारत के साथ आर्थिक संबंध मजबूत करना चाहते है । ’’

उन्होंने कहा कि दुनिया जिस तरह से बदल रही है, ऐसे में दोनों देशों के लिये नौवहन सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला, जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे शीर्ष प्राथमिकता हैं ।

राब ने कहा ‘‘ हमारे संबंध विभिन्न क्षेत्रों में साझे हित और साझे मूल्यों पर आधारित हैं और हम कई तरह से सहयोग बढ़ाना चाहते हैं । ’’

गौरतलब है कि ब्रेक्जिट के मद्देनजर ब्रिटेन भारत जैसी अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार संबंध मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि किसी व्यापार समझौते के बिना यूरोपीय संघ से बाहर आने पर ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान होगा।

नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ब्रितानी समकक्ष एवं ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब का स्वागत किया। आपसी हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले एजेंडे में हैं।’’

ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि दोनों पक्ष समग्र द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए 10 साल का खाका तैयार करने पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे।

मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि राब की यात्रा से दोनों देशों के बीच कोविड-19 और ब्रेक्जिट के बाद के परिदृश्य में कारोबार, रक्षा, जलवायु, आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में गठजोड़ और भी मजबूत होने का मार्ग प्रशस्त होगा ।

राब अपनी यात्रा के दौरान वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के साथ भी बैठक करेंगे। वह बेंगलुरू भी जायेंगे, जहां वह 17 दिसंबर को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा से मुलाकात करेंगे।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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