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बहुप्रतीक्षित बैठक के लिए बाइडन, पुतिन तैयार

By भाषा | Updated: June 16, 2021 16:24 IST

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जिनेवा, 16 जून (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बुधवार को स्विट्जरलैंड की राजधानी में बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता के लिए तैयार हैं।

यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है, जब दोनों देशों के नेताओं का मानना है कि अमेरिका और रूस के संबंध पहले कभी इतने खराब नहीं रहे। पिछले चार महीनों से दोनों नेताओं ने एक दूसरे के खिलाफ तीखी बयानबाजी की है। बाइडन ने अमेरिकी हितों पर रूस समर्थित हैकरों के साइबर हमलों को लेकर पुतिन की कई बार आलोचना की है, जबकि पुतिन का कहना है कि उनके देश ने न तो अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप किया और न ही किसी प्रकार के साइबर हमले किए।

दोनों नेता अब पहली बार आमने-सामने मुलाकात करेंगे। इस बैठक के चार से पांच घंटे चलने की संभावना हैं। दोनों पक्षों को इस बैठक से कोई खास उम्मीद नहीं है। बाइडन का कहना है कि यदि दोनों देश अपने संबंधों में अंतत: स्थिरता ला पाते हैं, तो यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम होगी।

बाइडन ने कहा है कि अमेरिका और रूस अगर अपने संबंधों में ‘‘स्थिरता और गंभीरता’’ लाते हैं तो यह महत्वपूर्ण कदम होगा। अमेरिका को अपना कट्टर विरोधी मानने वाले व्यक्ति के साथ वार्ता से पहले राष्ट्रपति की तरफ से यह उदार वक्तव्य है।

बाइडन ने इस हफ्ते की शुरुआत में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें निर्णय करना चाहिए कि क्या सहयोग करना हमारे हित में, दुनिया के हित में है और देखना चाहिए कि हम ऐसा कर सकते हैं अथवा नहीं। और जिन क्षेत्रों में सहमति नहीं बनती है वहां स्पष्ट कीजिए कि गतिरोध क्या है।’’

पुतिन के प्रवक्ता दमित्री पेसकोव ने बुधवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि गतिरोध टूटने की उम्मीद नहीं है और ‘‘रूस-अमेरिका संबंधों में स्थिति काफी कठिन है।’’

शिखर सम्मेलन से कई घंटे पहले पेसकोव ने कहा, ‘‘बहरहाल, तथ्य यह है कि दोनों राष्ट्रपति बैठक करने पर सहमत हुए हैं और समस्याओं के बारे में खुलकर बातचीत की शुरुआत की है जो अपने आप में एक उपलब्धि है।’’

पहले, बाइडन, पुतिन, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव एक बैठक करेंगे। प्रत्येक पक्ष के साथ एक-एक अनुवादक होगा। इसके बाद दोनों पक्षों के पांच-पांच वरिष्ठ सहयोगी बैठक में शामिल होंगे।

बैठक के दौरान बाइडन अमेरिकी चुनाव में कथित रूसी साइबर हमले समेत मानवाधिकार के मुद्दों को उठा सकते हैं। साथ ही वह दोनों देशों के बीच सहयोग वाले क्षेत्रों पर भी चर्चा कर सकते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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