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बाइडन ने की जलवायु परिवर्तन सम्मेलन की शुरुआत

By भाषा | Updated: April 22, 2021 19:37 IST

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वाशिंगटन, 22 अप्रैल (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति जो. बाइडन ने यह उल्लेख करते हुए कि अमेरिका और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को ‘‘जलवायु परिवर्तन से निपटने का काम करना ही होगा’’, बृहस्पतिवार को जलवायु शिखर सम्मेलन की शुरुआत की जो उत्सर्जन में कमी लाने के लिए विश्व के नेताओं को एकजुट करने पर केंद्रित है।

अमेरिका ने जलवायु को नुकसान पहुंचाने वाले कोयले और पेट्रोलियम से होने वाले उत्सर्जन की मात्रा में आधी कटौती करने का संकल्प लिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित विश्व के 40 नेताओं की मौजूदगी में बाइडन ने इस वर्चुअल शिखर सम्मेलन में कहा, ‘‘इस समय बैठक करने का महत्व हमारे ग्रह की रक्षा के महत्व से कहीं अधिक है। यह हम सबको बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने के लिए है।’’

बाइडन ने कहा, ‘‘यह जोखिम का क्षण है, लेकिन अवसर का भी क्षण है।’’

उन्होंने कहा कि अमेरिका और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को ‘‘जलवायु परिवर्तन से निपटने का काम करना ही होगा।’’

अमेरिका में जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल से उत्पन्न उत्सर्जन में 2030 तक 52 प्रतिशत की कटौती करने की उनकी प्रतिबद्धता चार साल बाद जलवायु परिवर्तन से निपटने के अमेरिका के प्रयासों पर फिर से लौटने जैसी है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन प्रयासों से अमेरिका को अलग कर लिया था।

सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘‘यह पहल करने के लिए मैं राष्ट्रपति जो बाइडन को धन्यवाद देना चाहूंगा। जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।’’

मोदी ने कहा, ‘‘ हमें तेज गति से, बड़े पैमाने पर और वैश्विक संभावना के साथ ठोस कदम उठाने की जरूरत है। अपनी विकास चुनौतियों के बावजूद स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा प्रभाविता और जैव विविधता को लेकर हमने कई साहसिक कदम उठाए हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मानवता वैश्विक महामारी से जूझ रही है और यह कार्यक्रम इस मौके पर हमें याद दिलाता है कि जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं।’’

वहीं, जापान ने सम्मेलन की शुरुआत से कुछ घंटे पहले 2030 तक उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य मौजूदा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 46 प्रतिशत करने का निर्णय किया।

जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने जापान में 2050 तक शून्य कार्बन स्तर का लक्ष्य तय किया।

एनएचके टेलीविजन ने कहा कि सुगा ने 2030 तक कार्बन उत्सर्जन में कटौती को 2013 के मौजूदा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 46 प्रतिशत करने की बृहस्पतिवार को घोषणा की।

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सम्मेलन में 2030 तक उत्सर्जन में महत्वपूर्ण कटौती और 2060 तक नगण्य कार्बन स्तर की अपने देश की प्रतिबद्धता दोहराई।

चिनफिंग ने बुधवार को सम्मेलन के अंतिम समय में इसमें अपने शामिल होने की पुष्टि की थी।

विश्व में तीसरा सबसे बड़ा जीवाश्म ईंधन संबंधी उत्सर्जक माने जाने वाला भारत लंबे समय से अमेरिका और अन्य संपन्न देशों पर यह दबाव डालता रहा है कि वे कोयला संयंत्रों का विकल्प उपलब्ध कराने के लिए अरबों डॉलर की मदद के अपने वादे को पूरा करें।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी सम्मेलन में शामिल होने का बाइडन का आमंत्रण स्वीकार कर लिया।

कुछ आकलनों में रूस को सबसे बड़ा चौथा जलवायु प्रदूषक देश बताया गया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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