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बाइडन ने एर्दोआन से अमेरिका- तुर्की संकट टालने के लिए कहा

By भाषा | Updated: October 31, 2021 19:20 IST

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रोम, 31 अक्टूबर (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने रविवार को तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोआन से कहा कि दोनों देशों को असहमितयों का बेहतर प्रबंधन करने की जरूरत है।

हाल में अमेरिकी राजदूत को मान्यता नहीं देने की तुर्की की धमकी तथा रूस में निर्मित (एस - 400) मिसाइल रक्षा प्रणाली उसके द्वारा खरीदे जाने से नाटो सहयोगियों के बीच तनाव पैदा हो गया था।

भेंट से पहले एर्दोआन के साथ खड़े नजर आये बाइडन ने कहा, ‘‘हमारी अच्छी बातचीत की योजना है।’’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने मानवाधिकारों के बारे में पूछे गये सवालों का जवाब नहीं दिया। उन्होंने तब भी कुछ नहीं कहा जब उनसे पूछा गया कि क्या तुर्की रूस के बहुत करीब चला गया है।

व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि भेंटवार्ता के दौरान बाइडन ने नाटो सहयोगी के तौर पर एवं अमेरिका के साथ रक्षा साझेदारी को लेकर तुर्की की महत्ता दोहरायी लेकिन एर्दोआन के सामने तुर्की द्वारा रूसी एस - 400 मिसाइल प्रणाली प्राप्त करने पर (अमेरिका की) चिंता रखी।

तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा है कि रूस की इस रक्षा प्रणाली को खरीदने के सौदे पर भले ही 2017 में विवाद खड़ा किया गया लेकिन वह रूसी मिसाइल प्रणाली की खरीद के पक्ष में हैं।

हाल के सप्ताहों में नाटो सहयोगी के तौर पर तुर्की की भूमिका कड़ाई से परखी जा रही है।

एर्दोआन ने 23 अक्टूबर को एक रैली में कहा था कि जेल में बंद एक समाजसेवी की रिहाई की मांग करने वाले 10 विदेशी राजदूतों को अवांछित करार दिया जाना चाहिए।

अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधियों समेत दस राजदूतों ने उससे पहले बयान जारी करके व्यापारी एवं समाजसेवी व्यक्ति ओस्मान कवाला के मामले के समाधान का आह्वान किया था जिन्हें किसी अपराध में बिना दोषी ठहराये 2017 से जेल में रखा गया है।

सितंबर में तुर्की की समाचार समिति अनादोलु ने एर्दोआन के हवाले से कहा, ‘‘ मैं ईमानदारी से नहीं कह सकता हूं कि तुर्की-अमेरिकी संबंध में सब कुछ अच्छा चल रहा है।’’

तुर्की ने जब एस- 400 प्रणाली खरीदी थी तब उसे एफ-35 लड़ाकू विमानों को खरीदने के एक अमेरिकी कार्यक्रम से बाहर कर दिया था। अमेरिका को नाटो गठबंधन के भीतर रूसी प्रणाली के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति है और उसका कहना है कि यह एफ-35 के लिए खतरा है।

हालांकि तुर्की कहता है कि एस -400 का इस्तेमाल नाटो प्रणालियों में शामिल किये बगैर स्वतंत्र रूप से की जा सकती है, इसलिए कोई खतरा नहीं है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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