लाइव न्यूज़ :

चौथी बार युद्ध ग्रस्त देश सीरिया के राष्ट्रपति बने बशर असद

By भाषा | Updated: July 17, 2021 20:56 IST

Open in App

दमिश्क, 17 जुलाई (एपी) सीरिया के राष्ट्रपति बशर असद चौथी बार देश के राष्ट्रपति बने हैं। उन्होंने शनिवार को पद की शपथ ली और इसके बाद पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के प्रभाव से निपटने का संकल्प जताया।

इस युद्धग्रस्त देश में मई में आयोजित चुनाव को पश्चिमी देशों और असद के विपक्षियों ने ''अवैध'' और महज दिखावा करार दिया था।

शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन राष्ट्रपति महल में हुआ और इसमें धार्मिक नेता, संसद सदस्य, राजनीतिक हस्तियां और सेना के अधिकारी शामिल हुए। असद 2000 से ही इस देश की सत्ता में हैं और उनका एक बार फिर राष्ट्रपति बनना लगभग तय माना जा रहा था।

असद का नया कार्यकाल एक बार फिर शुरू हो रहा है लेकिन यह मुल्क पिछले 10 साल के युद्ध से तबाह है और आर्थिक संकट दिन ब दिन और गहरे होते जा रहे हैं।

शपथ ग्रहण के बाद पहले संबोधन में असद ने कहा कि उनकी चिंता '' भूमि को मुक्त कराने और युद्ध के आर्थिक एवं सामाजिक प्रभावों से निपटने'' पर केंद्रित है।

उन्होंने कहा, '' चीजों को बेहतर बनाना निश्चित रूप से संभव है। युद्ध एवं प्रतिबंधों से दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं, हम इससे पार पा सकते हैं। बस हमें यह पता लगाना होगा कि ऐसा किस तरह किया जा सकता है?''

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार सीरिया की 80 प्रतिशत से ज्यादा आबादी गरीबी रेखा के नीचे है। सीरियाई मुद्रा के मूल्य में लगातार गिरावट हुई और संसाधन दुर्लभ हो गए हैं और लोगों से वस्तुओं की ऊंची क़ीमतें वसूली जाती हैं।

देश में संघर्ष व्यापक स्तर पर कम हुआ है लेकिन सीरिया के कई हिस्से अब भी सरकार के नियंत्रण में नहीं हैं। अब भी देश के विभिन्न हिस्सों में विदेशी बलों और मिलिशिया की तैनाती है।

सीरिया में युद्ध से पहले रहने वाली करीब आधी आबादी को या तो विस्थापन का दंश झेलना पड़ा है या वे पड़ोसी देशों और यूरोप में शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं। वहीं इस युद्ध में अब तक पांच लाख लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग अब भी लापता हैं और देश का बुनियादी ढांचा तबाह है।

इस संघर्ष की शुरुआत 2011 में हुई। सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की और फिर यह विरोध असद परिवार के खिलाफ एक सशस्त्र विद्रोह के रूप में तब्दील हो गया।

इस युद्ध में असद को ईरान और रूस का समर्थन प्राप्त हुआ जिसने सहायता पहुंचाने के साथ अपने सैनिक भी यहां भेजे और ऐसे में पश्चिमी देशों से लगाए गए प्रतिबंध के बाद भी असद सरकार में बने रहे।

यूरोपीय देशों और अमेरिका की सरकार असद और उसके सहयोगियों को हिंसा का ज़िम्मेदार बताती है जबकि असद इसके लिए सशस्त्र विद्रोहियों को दोषी ठहराते हैं। वहीं इस युद्ध को ख़त्म करने के लिए संयुक्त राष्ट्र नीत वार्ता में अब तक कोई ख़ास प्रगति नहीं हुई है।

असद अपने पिता हाफिज के निधन के बाद 2000 में सत्ता में आए। उनके पिता रक्तहीन सैन्य तख्तापलट के जरिए 1970 में सत्ता में आए थे।

अमेरिका और यूरोप के अधिकारी इस चुनाव की वैधता पर सवाल उठाते हैं। असद को इस चुनाव में 95.1 फ़ीसदी मत मिले। यहां चुनाव में किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा केवल सांकेतिक ही थी। मतदान पर निगरानी के लिए कोई स्वतंत्र संस्था नहीं थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

अन्य खेल'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

विश्वआज रात एक पूरी सभ्यता का अंत होगा?, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ पर पोस्ट किया, फिर कभी जीवित नहीं?

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

ज़रा हटकेVIDEO: ऋषिकेश में गंगा पर उतरा सी-प्लेन, टूरिज्म को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट, देखें वीडियो

विश्व अधिक खबरें

विश्वजान बचानी हो तो अगले 12 घंटे तक ट्रेन की यात्रा मत करना?, इजरायली सेना ने ईरान के लोगों को दी धमकी?, ईरानी समयानुसार रात 9:00 बजे तक पूरे देश में यात्रा करने से बचें

विश्वमेरे दिमाग से कभी नहीं जाएगा ईरान युद्ध, नाटो ने मुझे गम दिया?, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा-नाटो एक कागजी शेर, व्लादिमीर पुतिन भी नहीं डरते

विश्वIran-US War: ईरान के सुप्रीम लीडर की हालत नाजुक? मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चौंकाने वाला दावा

विश्वईरान ने युद्धविराम से किया इनकार, समाधान के लिए रखा 10-सूत्रीय फॉर्मूला? जानें

विश्वVIDEO: पनामा नहर के पास ब्लास्ट, आसमान में दिखा धुएं का गुबार, कई घायल