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Bangladesh Violence: अब्दुल हाशिम और कमाल हुसैन ने एसयूवी से रिपन साहा को कुचलकर मारा, 45 दिन में 15 हिन्दू की हत्या?

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 17, 2026 17:43 IST

Bangladesh Violence: समाचार पोर्टल ‘बीडीन्यूज24 डॉट कॉम’ पर राजबाड़ी सदर पुलिस प्रमुख खोनदाकर जियाउर रहमान के हवाले से प्रसारित खबर में कहा गया है, “हम हत्या का मामला दर्ज करेंगे। पेट्रोल की कीमत चुकाने से इनकार करने पर कर्मी गाड़ी के सामने खड़ा हो गया और वे उसे कुचलकर भाग गए।”

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ठळक मुद्देगोलंदा मोड़ स्थित करीम पेट्रोल पंप पर काम करता था।दिसंबर 2025 में सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं दर्ज कीं।पेट्रोल की कीमत चुकाए बिना जाने की कोशिश की, तो रिपन आगे खड़ा हो गया।

ढाकाः बांग्लादेश में एक कार चालक ने पेट्रोल पंप पर काम करने वाले एक हिंदू युवक को पेट्रोल की कीमत चुकाए बिना वहां से जाने की कोशिश करने से रोकने पर अपने वाहन से कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि बीते शुक्रवार को राजबाड़ी जिले में हुई यह घटना बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाकर की जा रही हिंसा की ताजा घटना है। ‘द डेली स्टार’ अखबार ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित खबर में कहा कि मृतक की पहचान रिपन साहा (30) के रूप में हुई है, जो गोलंदा मोड़ स्थित करीम पेट्रोल पंप पर काम करता था।

बांग्लादेश में जारी हिंसा पर आरआरएजी ने रिपोर्ट जारी की है। कहा गया है कि 45 दिन में 15 हिन्दू की हत्या हुई है। रिपोर्ट 1 दिसंबर 2025 से लेकर 15 जनवरी 2026 के बीच है। साल 2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी लगभग 1.313 करोड़ है, जो देश की कुल आबादी का लगभग 7.95 फीसदी है।

जनवरी की शुरुआत में बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (बीएचबीसीयूसी) ने एक बयान में आरोप लगाया था कि जैसे-जैसे आम चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, देश में सांप्रदायिक हिंसा खतरनाक दर से बढ़ रही है। बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए मतदान 12 फरवरी को होना है।

बीएचबीसीयूसी ने आरोप लगाया कि हिंसा का मकसद अल्पसंख्यक मतदाताओं को अपनी पसंद के उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डालने से रोकना है। परिषद ने कहा कि उसने अकेले दिसंबर 2025 में सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं दर्ज कीं।

समाचार पोर्टल ‘बीडीन्यूज24 डॉट कॉम’ पर राजबाड़ी सदर पुलिस प्रमुख खोनदाकर जियाउर रहमान के हवाले से प्रसारित खबर में कहा गया है, “हम हत्या का मामला दर्ज करेंगे। पेट्रोल की कीमत चुकाने से इनकार करने पर कर्मी गाड़ी के सामने खड़ा हो गया और वे उसे कुचलकर भाग गए।”

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुक्रवार तड़के लगभग साढ़े चार बजे एक काली एसयूवी में सवार लोग पेट्रोल पंप पहुंचे और 5,000 टका (लगभग 3,710 रुपये) का पेट्रोल भरवाया। उन्होंने बताया कि जब एसयूवी चालक ने पेट्रोल की कीमत चुकाए बिना वहां से जाने की कोशिश की, तो रिपन उसके आगे खड़ा हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एसयूवी चालक रिपन को कुचलते हुए वहां से भाग गया। उन्होंने बताया कि इस घटना में रिपन की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि उसने बाद में एसयूवी को जब्त कर लिया और उसके मालिक अब्दुल हाशिम उर्फ सुजान (55) तथा चालक कमाल हुसैन (43) को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, पेशे से ठेकेदार हाशिम बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की राजबाड़ी जिला इकाई का कोषाध्यक्ष और जुबो दल का पूर्व जिला अध्यक्ष रहा है। पिछले साल दो दिसंबर को नरसिंगदी में एक स्कूल के मैदान में बदमाशों ने 42 वर्षीय जौहरी प्रांटोश सरकार की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

मैमनसिंह शहर में 18 दिसंबर को ईशनिंदा के आरोप में एक कपड़ा कारखाने के 25 वर्षीय श्रमिक दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और फिर उसका शव जला दिया था। राजबाड़ी कस्बे के पंगशा उपजिला में 24 दिसंबर को जबरन वसूली के आरोप में अमृत मंडल नामक एक अन्य हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

वहीं, 31 दिसंबर की रात को 50 वर्षीय खोकोन चंद्र दास जब अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे, तब बदमाशों ने उन पर चाकू से कई वार किए और उन्हें आग के हवाले कर दिया। दास ने तीन जनवरी को अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

पलाश उपजिला के चारसिंधुर बाजार में पांच जनवरी को अज्ञात हमलावरों ने 40 वर्षीय किराना दुकान मालिक मोनी चक्रवर्ती पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई। नाराइल से प्रकाशित ‘दैनिक बीडी खबर’ अखबार के कार्यवाहक संपादक और बर्फ बनाने वाली फैक्टरी के मालिक राणा प्रताप बैरागी (38) की भी पांच जनवरी को जेस्सोर जिले में अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। नौगांव जिले में चोरी का आरोप लगाने वाली भीड़ से बचने के लिए नहर में कूदने के बाद 25 वर्षीय मिथुन सरकार की छह जनवरी को मौत हो गई थी।

मुक्ति संग्राम में हिस्सा लेने वाले सेवानिवृत्त स्कूल प्रधानाध्यापक जोगेश चंद्र रॉय (70) और उनकी पत्नी शुबर्ना रॉय की पिछले साल सात दिसंबर को रंगपुर के तारागंज इलाके में हत्या कर दी गई थी। दंपति के खून से लथपथ शव उनके घर की रसोई के फर्श पर मिले थे।

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