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मस्क के उपग्रह दो बार चीनी अंतरिक्ष स्टेशन के करीब आने से अंतरिक्ष यात्री खतरे में पड़े: चीन

By भाषा | Updated: December 28, 2021 18:44 IST

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(केजेएम वर्मा)

बीजिंग, 28 दिसंबर चीन ने मंगलवार को आरोप लगाया कि अमेरिकी अरबपति एलन मस्क के स्वामित्व वाले स्पेसएक्स के उपग्रह कक्षा में दो बार चीनी अंतरिक्ष स्टेशन के "बेहद करीब" आ गए जिससे चीनी अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। बीजिंग ने संयुक्त राष्ट्र से इन घटनाओं के बारे में शिकायत की है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने यहां संवाददाताओं से कहा कि चीनी अंतरिक्ष स्टेशन को मस्क के ‘स्टारलिंक इंटरनेट सर्विसेज प्रोजेक्ट’ द्वारा प्रक्षेपित किए गए उपग्रहों के साथ टक्कर से बचने के लिए एहतियाती उपाय अपनाने पड़े।

झाओ ने कहा, "मैं पुष्टि कर सकता हूं कि इस साल जुलाई और अक्टूबर में स्पेसएक्स उपग्रह चीन के अंतरिक्ष स्टेशन के बिलकुल करीब आ गए।"

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस अवधि के दौरान, चीनी अंतरिक्ष यात्री अपने अंतरिक्ष स्टेशन में मिशन को अंजाम दे रहे थे।

उन्होंने कहा, "सुरक्षा कारणों से, चीनी अंतरिक्ष स्टेशन ने टक्कर से बचाव के उपायों को अपनाया।"

झाओ ने कहा कि चीन ने तीन दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र सचिव से बाहरी अंतरिक्ष संधि के सिद्धांतों के तहत घटना के संबंध में शिकायत की है।

मीडिया में आईं खबरों में कहा गया है कि इस महीने बाह्य अंतरिक्ष मामलों के संयुक्त राष्ट्र कार्यालय को चीन द्वारा सौंपे गए एक दस्तावेज के अनुसार, ये घटनाएं एक जुलाई और 21 अक्टूबर को हुईं।

अमेरिका पर संधि से संबंधित दायित्वों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए झाओ ने वाशिंगटन से इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और "जिम्मेदार तरीके से कार्य करने" के लिए उपाय करने का आग्रह किया।

चीनी अंतरिक्ष स्टेशन ‘तियांगोंग’ 29 अप्रैल को प्रक्षेपण के बाद से पृथ्वी से लगभग 390 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक निकट-वृत्ताकार कक्षा में बना हुआ है।

प्रक्षेपण के बाद से, चीन ने निर्माणाधीन अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण के लिए अंतरिक्ष यात्री भेजे हैं। इस स्टेशन के अगले साल तक तैयार होने की उम्मीद है।

अक्टूबर में चीन ने एक महिला समेत तीन अंतरिक्ष यात्रियों को भेजा था।

स्टेशन के तैयार होने के बाद, चीन अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन रखने वाला एकमात्र देश होगा, जबकि रूस का पुराना होता अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) कई देशों की सहयोगी परियोजना है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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