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क्या कोविड-19 वैक्सीन पासपोर्ट उचित हैं?

By भाषा | Updated: July 13, 2021 10:53 IST

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साइमन कोलस्टो, यूनिवर्सिटी ऑफ पोर्ट्समाउथ

पोर्ट्समाउथ (ब्रिटेन), 13 जुलाई (द कन्वरसेशन) 18 साल की उम्र में मैंने बहुत उत्साह से अपना सामान बांधा और पश्चिम अफ्रीका के तट पर एक चैरिटी अस्पताल के जहाज पर काम करने निकल पड़ा। रवाना होने से पहले मुझे पीत ज्वर, हेपेटाइटिस बी, एमएमआर और टेटनस/डिप्थीरिया सहित आवश्यक टीकों की एक सूची दी गई, जो मुझे यात्रा से पूर्व लगे होने चाहिएं।

उस समय मैंने इनकी व्यवस्था (और भुगतान) को लेकर ज्यादा नहीं सोचा था। यह केवल ‘‘वैक्सीन पासपोर्ट’’ था जो दुनिया के इन हिस्सों की यात्रा के लिए आवश्यक था। चूंकि मैं स्वास्थ्य देखभाल के माहौल में भी काम करने वाला था, इसलिए मैंने अपनी और उन रोगियों की सुरक्षा के लिए टीके लगवाए, जिनकी मैं देखभाल करने वाला था।

पच्चीस बरस के बाद, मानक टीकाकरण की सूची में एक नया टीका जोड़ा जा रहा है - कोविड-19। यह संभावना बढ़ रही है कि हम सभी को यात्रा करने, सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेने और शायद कार्यस्थलों में भी जाने के लिए अपनी कोविड-19 टीकाकरण स्थिति का प्रमाण दिखाने की आवश्यकता होगी।

पिछले वर्ष के अनुभव इस तरह की ‘‘वैक्सीन पासपोर्ट’’ प्रणाली का उपयोग करने के कई कारण प्रदान करते हैं, फिर भी कुछ लोग इस नयी व्यवस्था को पसंद नहीं कर रहे हैं। ऐसा क्यों है कि इस नए टीके को अन्य स्वीकार्य, और कुछ हद तक आवश्यक नियमित टीकों से अलग तरह से देखा जा रहा है?

शायद पहली बात यह स्वीकार करना है कि टीका हिचकिचाहट कोई नयी बात नहीं है। लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक होने के बावजूद, शरीर में एक बाहरी पदार्थ को इंजेक्ट करने का कार्य निश्चित रूप से चिंता पैदा करता है।

इस कारण से, कई टीकाकरण कार्यक्रम स्वैच्छिक हैं, स्वास्थ्य प्रणाली लोगों को उन्हें लेने के लिए कानून के बजाय अनुनय का उपयोग करना पसंद करती है। वयस्कों में, अनिवार्य टीकाकरण आमतौर पर केवल विशिष्ट व्यवसायों (मुख्य रूप से स्वास्थ्य देखभाल में) और दुनिया के कुछ हिस्सों की यात्रा करने वालों से जुड़ा है।

इस इतिहास को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि यदि कोई टीकों से बचना चाहता है तो वह कुछ स्थानों की यात्रा नहीं करने और कुछ व्यवसायों को न चुनने का इरादा कर सकता है। टीकाकरण न करवाने से सार्वजनिक कार्यक्रमों या स्थानों तक पहुंच और कई लोकप्रिय स्थानों की यात्रा पर पाबंदी के अलावा उनके जीवन के अन्य पहलुओं पर और कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

लेकिन, कोविड-19 के साथ, चीजें शायद अलग होंगी। संभावना है कि इन अन्य गतिविधियों में भाग लेना भी अब टीकाकरण की स्थिति के अधीन होगा - लेकिन क्या यह उचित है?

‘‘निष्पक्षता’’ की सबसे आम समझ अवसर से जुड़ी है। यदि अलग-अलग लोगों के पास किसी चीज़ के लिए समान अवसर हैं - जो लगभग कुछ भी हो सकता है - तो उस स्थिति को अक्सर उचित माना जाता है। इसे कोविड-19 वैक्सीन पासपोर्ट से जोड़कर देखें तो, निष्पक्षता को वैक्सीन और इस प्रकार पासपोर्ट प्राप्त करने के समान अवसर के रूप में देखा जा सकता है।

ब्रिटेन में, 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी वयस्कों के पास टीका लगवाने का समान अवसर है। अगर कोई वैक्सीन नहीं लगवा सकता - शायद एक चिकित्सा कारण से - तो एक ‘‘निष्पक्ष’’ वैक्सीन पासपोर्ट प्रणाली में इस बात को ध्यान में रखना होगा। एक निष्पक्ष प्रणाली में पासपोर्ट उद्देश्यों के लिए संबंधित नियामक (ब्रिटेन में मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी) द्वारा अनुमोदित किसी भी प्रकार के टीके की अनुमति देने की भी आवश्यकता होगी।

निष्पक्षता के इस विचार के तहत, चिंता की स्पष्ट वजह दूसरे देशों से आने वाले वह आगंतुक होंगे, जिनके पास टीका प्राप्त करने के सीमित अवसर होंगे। यदि किसी वैकल्पिक व्यवस्था, जैसे ब्रिटेन पहुंचने पर टीकाकरण की व्यवस्था, जिसके बाद शायद पृथकवास की अनिवार्य अवधि हो, के बिना ब्रिटेन में प्रवेश देने से मना कर दिया जाए तो यह ‘‘अनुचित’’ माना जा सकता है।

लेकिन कुछ लोग तर्क दे सकते हैं कि निष्पक्षता समान अवसर से कहीं अधिक है। उन लोगों के बारे में क्या जिन्हें टीकाकरण से नैतिक या अन्य आपत्तियां हैं? क्या उन्हें भी बाहर करना उचित है? पिछले एक या दो वर्षों में कोविड-19 के कारण हुए अविश्वसनीय नुकसान को देखते हुए, मौतों को रोकने और बीमारी के गंभीर प्रभावों को कम करने में टीकों की जबरदस्त सफलता, टीकों की सुरक्षा, और वैक्सीन प्राप्त करने के समान अवसर के लिए बढ़ते सबूत (निश्चित रूप से ब्रिटेन में), अज्ञानता की स्थिति से वैक्सीन पासपोर्ट अवधारणा के खिलाफ बहस करना बहुत मुश्किल होगा।

बेशक विस्तार में जाना हमेशा खतरनाक होता है। एक खराब तरीके से कार्यान्वित वैक्सीन पासपोर्ट प्रणाली अभी भी बहुत अनुचित हो सकती है और जबरदस्त अप्रत्याशित और अवांछनीय परिस्थितियों का कारण बन सकती है।

वर्तमान में कोविड-19 टीकों के विभिन्न प्रकारों और यहां तक ​​कि विभिन्न बैचों की मान्यता से संबंधित कई चिंताएं हैं। लेकिन कुल मिलाकर निष्पक्ष कार्यान्वयन के बारे में तर्कों और उन तर्कों के बीच अंतर करना महत्वपूर्ण है जो समग्र रूप से अवधारणा की निष्पक्षता से संबंधित हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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