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एप्पल ने मध्यपूर्व में घरेलू सहायिकाओं के उत्पीड़न को लेकर फेसबुक को दी थी धमकी

By भाषा | Updated: October 25, 2021 19:39 IST

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दुबई, 25 अक्टूबर (एपी) ऐप्पल ने दो साल पहले इन चिंताओं को लेकर फेसबुक और इंस्टाग्राम को अपने ऐप स्टोर से हटाने की धमकी दी थी कि इन प्लेटफार्म का इस्तेमाल मध्यपूर्व में व्यापार और घरेलू सहायिकाओं की सेवा मुहैया कराने के लिए किया जा रहा है।

फेसबुक ने सार्वजनिक रूप से कार्रवाई का वादा किया और समाचार एजेंसी ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ द्वारा प्राप्त आंतरिक दस्तावेजों में स्वीकार किया कि वह उस ‘‘पुष्ट उत्पीड़न गतिविधि पर कार्रवाई कर रहा है’’ जिसमें फिलीपीन की घरेलू सहायिकाओं ने उत्पीड़न की शिकायत की है। ऐप्पल ने इस पर भरोसा किया और ऐप स्टोर में फेसबुक और इंस्टाग्राम बने रहे।

हालांकि ऐसा प्रतीत होता है कि फेसबुक की कार्रवाई का सीमित प्रभाव पड़ा है। आज भी, अरबी में ‘‘खादिम’’ या ‘‘घरेलू सहायिकाओं’’ के लिए एक त्वरित खोज करने पर ऐसे अकाउंट सामने आते हैं जिसमें अफ्रीकियों और दक्षिण एशियाई लोगों की तस्वीरों के साथ उनकी उम्र और वेतन का उल्लेख देखने को मिलता है।

हालांकि फिलीपीन सरकार की एक ऐसी टीम भी काम करती है जो साइट का उपयोग करने वाले आपराधिक गिरोहों और फर्जी भर्ती करने वालों से नौकरी चाहने वालों को बचाने के लिए हर दिन फेसबुक पोस्ट खंगालने के अलावा कुछ नहीं करती है।

मध्य पूर्व एशिया और अफ्रीका की ऐसी महिलाओं के लिए काम मुहैया कराने का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है, जो अपने परिवारों की आर्थिक मदद करने की उम्मीद करती है। फेसबुक ने स्वीकार किया है कि इस क्षेत्र के कुछ देशों में कामगारों की सुरक्षा को लेकर ‘‘विशेष रूप से गंभीर’’ मानवाधिकार मुद्दे हैं।

फेसबुक के दस्तावेज़ में लिखा है, ‘‘हमारी जांच में, घरेलू कामगारों ने अक्सर अपनी भर्ती एजेंसियों से शिकायत की कि वे अपने घरों में बंद हैं, भूखे हैं, उन्हें उनके अनुबंधों को अनिश्चित काल तक बढ़ाने के लिए मजबूर किया जाता है, भुगतान नहीं किया जाता है और उनकी सहमति के बिना अन्य नियोक्ताओं को बार-बार बेचा जाता है।’’ इसमें लिखा है, ‘‘इसके जवाब में, एजेंसियां आमतौर पर उन्हें अधिक सहमत होने के लिए कहती हैं।’’

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘हमने भर्ती एजेंसियों को घरेलू कामगारों की मदद करने के बजाय शारीरिक या यौन हमले जैसे अधिक गंभीर अपराधों को खारिज करते हुए पाया।’’

फेसबुक ने एपी को दिए एक बयान में कहा कि मध्य पूर्व में विदेशी कामगारों का शोषण करने वाले विज्ञापनों के निरंतर प्रसार के बावजूद, उसने समस्या को गंभीरता से लिया।’’

फेसबुक ने कहा, ‘‘हम कई वर्षों से अपने प्लेटफार्म पर मानव तस्करी का मुकाबला कर रहे हैं और हमारा लक्ष्य किसी ऐसे व्यक्ति को रोकना है जो दूसरों का शोषण करना चाहता है।’’

यह जानकारी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन को किए गए खुलासों पर आधारित है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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