लाइव न्यूज़ :

कोरोना बीमारी के लक्षण नजर नहीं आने के बावजूद इस तरह संक्रमण का पता लगाएगी एंटीबॉडी जांच प्रणाली

By भाषा | Updated: April 17, 2020 18:19 IST

सार्स-सीओवी-2 कहलाने वाले वायरस के लिए इस तरह के तथाकथित सेरोलॉजी परीक्षणों को विकसित करने के लिए दुनिया भर में अनुसंधान दल लगातार मेहनत कर रहे हैं।

Open in App
ठळक मुद्देयह वायरस एक वैश्विक महामारी बन चुका है, जिसने अब तक 21 लाख से अधिक लोगों को संक्रमित किया है।कोरोना वायरस संक्रमण अब तक 1,41,000 से अधिक लोगों की जान ले चुका है।

ज्यूरिख: स्विटजरलैंड की फर्मास्युटिकल कंपनी रोशे ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने एक एंटीबॉडी परीक्षण विकसित किया है, जिससे कोविड-19 से संक्रमित लोगों के साथ साथ उन लोगों का भी पता लगाया जा सकेगा, जिनमें इस वायरस के संक्रमण के बावजूद इसके कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं।

इस परीक्षण के मई तक शुरू होने की उम्मीद जताते हुए रोशे ने एक बयान में कहा कि उसने एलकेसिस एंटी-सार्स-सीओवी-2 प्रणाली विकसित की है, जो रक्त के नमूने का उपयोग करके एंटीबॉडी का पता लगा सकती है ताकि कोरोना वायरस के लिए शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का पता लगाया जा सके।

सार्स-सीओवी-2 कहलाने वाले वायरस के लिए इस तरह के तथाकथित सेरोलॉजी परीक्षणों को विकसित करने के लिए दुनिया भर में अनुसंधान दल लगातार मेहनत कर रहे हैं। यह वायरस एक वैश्विक महामारी बन चुका है, जिसने अब तक 21 लाख से अधिक लोगों को संक्रमित किया है और 1,41,000 से अधिक लोगों की जान ले चुका है।

रोशे ने बताया, ‘‘एंटीबॉडी जांच उन लोगों की पहचान करने में मदद करने पर केंद्रित है, जो वायरस से संक्रमित हुए हैं। यह जांच उन मामलों में खास तौर पर उपयोगी रहेगी जिनमें कोरोना वायरस से व्यक्ति संक्रमित तो हैं, लेकिन उनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं।’’  

टॅग्स :कोरोना वायरससीओवीआईडी-19 इंडिया
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्यLMOTY 2026: हजारों मरीजों के लिए आशा की किरण?, डॉ. गौतम भंसाली को 'लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026' पुरस्कार

स्वास्थ्यCOVID-19 infection: रक्त वाहिकाओं 5 साल तक बूढ़ी हो सकती हैं?, रिसर्च में खुलासा, 16 देशों के 2400 लोगों पर अध्ययन

भारत'बादल बम' के बाद अब 'वाटर बम': लेह में बादल फटने से लेकर कोविड वायरस तक चीन पर शंका, अब ब्रह्मपुत्र पर बांध क्या नया हथियार?

स्वास्थ्यसीएम सिद्धरमैया बोले-हृदयाघात से मौतें कोविड टीकाकरण, कर्नाटक विशेषज्ञ पैनल ने कहा-कोई संबंध नहीं, बकवास बात

विश्व अधिक खबरें

विश्वखुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत, इजराइल-अमेरिका ने ईरान किया हमला, 25 मरे?, जवाब में ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना