काबुलः अफगानिस्तान में भारी बारिश और तूफान के कारण आफत आई है। बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने से पिछले 10 दिनों में 77 लोगों की मौत हो गई और 137 लोग घायल हो गए। देश के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जानकारी दी। आने वाले दिनों में पूरे अफगानिस्तान में और अधिक बारिश का पूर्वानुमान है और प्राधिकरण ने जनता को नदी के किनारों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की चेतावनी दी है। इस साल की शुरुआत में, भारी बर्फबारी और अचानक आई बाढ़ से देश भर में दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि हाल ही में मरने वालों की संख्या में पिछले 48 घंटों में मारे गए 26 लोग शामिल हैं। कुल मिलाकर, 793 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं और 2,673 घरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि बाढ़ और भूस्खलन से 337 किलोमीटर (लगभग 210 मील) सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। प्राधिकरण ने बताया कि व्यवसाय, कृषि भूमि, पानी के कुएं और सिंचाई नहरें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
जिससे कुल मिलाकर 5,800 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। भारत ने कहा है कि उसने हाल में आयी बाढ़ और भूकंप से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अफगानिस्तान को राहत सामग्री की एक नयी खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार को कहा कि भारत इस कठिन समय में अफगानिस्तान के लोगों को मानवीय सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, ‘‘हालिया बाढ़ और भूकंप के कारण अफगान लोगों की कठिनाइयों को देखते हुए भारत एचएडीआर (मानवीय सहायता और आपदा राहत) सामग्री भेज रहा है, जिसमें किचन सेट, स्वच्छता किट, प्लास्टिक शीट, तिरपाल, स्लीपिंग बैग तथा अन्य सामग्री शामिल हैं।’’ जायसवाल ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘भारत अफगानिस्तान के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और इस चुनौतीपूर्ण समय में मानवीय सहायता तथा समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।’’
बांग्लादेश में खसरे से 19 दिन में 94 बच्चों की मौत
बांग्लादेश में खसरे के गंभीर प्रकोप के कारण पिछले 19 दिन में कम से कम 94 बच्चों की मौत हो गई है और सरकार ने इस संक्रामक बीमारी से निपटने के लिए आपात टीकाकरण अभियान शुरू किया है। बांग्लादेश सरकार ने यह जानकारी दी। इस प्रकोप ने 64 में से 56 प्रशासनिक जिलों को प्रभावित किया है। देश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार ने खसरे के लिए समय पर टीके उपलब्ध नहीं कराने को लेकर मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।