बात करने के लिए 250, बड़े दुःख के लिए 500 और रोने के लिए 1 हज़ार रुपये का चार्ज?, मुंबई जुहू बीच पर बैठा शख्स, दुःख बांटने का धंधा?, वीडियो
By सतीश कुमार सिंह | Updated: March 20, 2026 17:16 IST2026-03-20T17:10:27+5:302026-03-20T17:16:20+5:30
watch Mumbai: मुंबई के जुहू बीच पर फिल्माया गया एक वीडियो वायरल हो गया है।

photo-lokmat
मुंबई: मुंबई के जुहू बीच पर पैसे लेकर लोगों की निजी परेशानियां सुनने की पेशकश कर रहा है। वीडियो वायरल हो रही है। सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा है। व्यक्ति अजनबियों को पैसे लेकर अपनी बातें सुनाता हुआ दिखाई दे रहा है। हाथ से लिखे एक साइनबोर्ड के साथ शांति से बैठा वह व्यक्ति राहगीरों को अपनी चिंताएं और भावनाएं साझा करने के लिए आमंत्रित कर रहा है। मुंबई के जुहू बीच पर बैठा ये व्यक्ति लोगों के दुःख बांटने का धंधा करता है, अगर आपको अपना दुःख बाँटना है, अपना दुखड़ा सुनाने के लिए कोई नहीं है, तो ये भाई आपकी मदद करेगा।
🚨 Mumbai Beach Viral : Man charges people to listen to problems.
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) March 20, 2026
REPORTER : Do people come? 🤯
MAN : "Yes, For small troubles, ₹250. For bigger worries, ₹500, and to cry together, ₹1,000. I am here to listen to people’s problems" 😳pic.twitter.com/cTXeKgzLzl
मुंबई के जुहू बीच पर बैठा ये व्यक्ति लोगों के
— ANIL (@AnilYadavmedia1) March 20, 2026
दुःख बांटने का धंधा करता है,
अगर आपको अपना दुःख बाँटना है,
अपना दुखड़ा सुनाने के लिए कोई नहीं है,
तो ये भाई आपकी मदद करेगा,
मामूली दुःख के लिए 250 रूपये
बड़े दुःख के लिए 500 रूपये
साथ में रोने के लिए 1 हज़ार रूपये का चार्ज लगता… pic.twitter.com/HglbEIZxi9
watch Mumbai- वायरल वीडियो
मामूली दुःख के लिएः 250 रुपये
बड़े दुःख के लिएः 500 रुपये
रोने के लिएः 1000 रुपये।
व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिस पर ऑनलाइन यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। व्यक्ति हिंदी में हाथ से लिखा एक बोर्ड पकड़े हुए दिखाई दे रहा है, जिस पर लिखा है, "किसी को अपना दुख सुनाना है तो मैं सुन सकता हूं।" वीडियो में एक व्यक्ति से बात करते हुए, उस व्यक्ति ने अपनी फीस के बारे में बताया। सेवा के लिए पैसे देता है, तो उसने कहा, "हां, लोग आते हैं।"
वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान पृथ्वीराज बोहरा के रूप में हुई है, जो एक इंस्टाग्राम पेज और एक यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। इस अनोखी पहल ने मुंबई जैसे व्यस्त शहर में मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक समर्थन की बढ़ती आवश्यकता के बारे में चर्चा को जन्म दिया है। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने पैसे लेने के विचार पर सवाल उठाए हैं।