कौन हैं मोहम्मद दीपक?, आखिर क्यों सोशल मीडिया पर हो रहे वायरल?
By सतीश कुमार सिंह | Updated: February 3, 2026 09:38 IST2026-02-03T09:36:19+5:302026-02-03T09:38:19+5:30
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार 40 से अधिक लोग कोटद्वार स्थित उनके आवास पर पहुंचे और उनके इस कृत्य के विरोध में नारे लगाने लगे।

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कोटद्वारः उत्तराखंड के कोटद्वार कस्बे में एक हिंदू व्यक्ति ने बजरंग दल के गुंडों द्वारा दुकानदार की दुकान में तोड़फोड़ और उत्पीड़न के प्रयास में एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार की रक्षा की। हिंदू व्यक्ति का असली नाम दीपक कुमार है। पौड़ी गढ़वाल में एक 70 वर्षीय दुकानदार को धमका रही हिंदू भीड़ का सामना करने वाले दीपक कुमार नाम के इस हिंदू व्यक्ति को अब विरोध प्रदर्शनों और एफआईआर का सामना करना पड़ रहा है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार 40 से अधिक लोग कोटद्वार स्थित उनके आवास पर पहुंचे और उनके इस कृत्य के विरोध में नारे लगाने लगे।
#WATCH | Kotdwar, Pauri Garhwal (Uttarakhand) | Gym Trainer Deepak Kumar says, "My friends and I were celebrating Republic Day when we went to one of our friends' shops. Some boys came to the shop and started misbehaving with the shopkeeper over the shop's name. I asked them to… pic.twitter.com/aQDGOx7JSE
— ANI (@ANI) February 3, 2026
कोटद्वार में पटेल मार्ग स्थित ‘बाबा’ नाम से संचालित की जा रही कपड़ों की एक दुकान का नाम बदलने के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ता कथित रूप से दुकान मालिक मोहम्मद शोएब पर दबाव डाल रहे थे। उसी समय वहां के एक जिम संचालक दीपक चंद ने पहुंचकर विरोध किया तथा बजरंग दल के लोगों को वहां से जाने के लिए मजबूर कर दिया। युवक की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के कोटद्वार में कपड़ों की दुकान का 'बाबा' नाम होने पर आपत्ति कर रहे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का विरोध करने वाले युवक दीपक को रविवार को ‘‘नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का प्रतीक’’ करार दिया और कहा कि देश को ऐसे और युवकों की जरूरत है।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोग आर्थिक और सामाजिक ज़हर घोल रहे हैं, ताकि डर के सहारे राज करते रहें। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं। दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं, उस संविधान के लिए जिसे भाजपा और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं। ’’
उन्होंने कहा कि यह युवक ‘‘नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान’’ का जीवित प्रतीक है और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘संघ परिवार जानबूझकर देश में आर्थिक और सामाजिक ज़हर घोल रहा है, ताकि भारत बंटा रहे और कुछ लोग डर के सहारे राज करते रहें।
उत्तराखंड की भाजपा सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताक़तों का साथ दे रही है, जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी हैं।’’ राहुल गांधी ने कहा, ‘‘नफ़रत, डर और अराजकता के माहौल में कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता। शांति के बिना विकास सिर्फ़ एक जुमला है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें और ‘दीपकों’ की ज़रूरत है - जो झुकें नहीं, जो डरें नहीं, और जो पूरी ताक़त से संविधान के साथ खड़े रहें। हम तुम्हारे साथ हैं भाई। डरो मत, तुम बब्बर शेर हो।’’ जिम ट्रेनर दीपक कुमार कहते हैं, "मैं और मेरे दोस्त गणतंत्र दिवस मना रहे थे, तभी हम अपने एक दोस्त की दुकान पर गए। कुछ लड़के दुकान पर आए और दुकानदार से दुकान के नाम को लेकर बदतमीजी करने लगे।
मैंने उनसे बदतमीजी बंद करने को कहा, लेकिन उन्होंने जवाब दिया कि उनके धर्म में 'बाबा' शब्द केवल सिद्धबली बाबा के लिए ही इस्तेमाल होता है, किसी और के लिए नहीं, और दुकानदार को दुकान का नाम बदलना पड़ेगा। दुकानदार ने मना कर दिया, और बात हिंदू-मुस्लिम मुद्दे में बदल गई। तो मैंने कहा, 'मेरा नाम मोहम्मद दीपक है, तुम्हें इससे क्या लेना-देना?...'
इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो गया, जिसमें कुमार को भीड़ का सामना करते हुए यह पूछते हुए देखा जा सकता है कि दूसरे लोग अपनी दुकानों का नाम बाबा रख सकते हैं, लेकिन अहमद क्यों नहीं। वह भीड़ से पूछते हैं, “दुकान 30 साल पुरानी है, क्या आप नाम बदलेंगे?” अपना नाम पूछे जाने पर कुमार जवाब देते हैं, “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।”
उन्होंने कहा, “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है” का मतलब है कि मैं सबसे पहले एक भारतीय हूं और भारत में सभी धर्म एक साथ रहते हैं, चाहे वह मुस्लिम हो, सिख हो या हिंदू, जबकि मेरा असली नाम दीपक कुमार है। उन्होंने कहा कि उन्होंने एकजुटता दिखाने के लिए अपने नाम के आगे ‘मोहम्मद’ जोड़ा। उन्होंने कहा, “मैं उन्हें दिखाना चाहता था कि हम सब एक हैं।”
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दीपक उत्तराखंड के कोटद्वार में जिम ट्रेनर हैं और अपना जिम चलाते हैं। उनके पिता का 15 साल पहले निधन हो गया था। एक यूट्यूब पत्रकार को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद अकेली रह गई उनकी मां ने सड़क किनारे चाय की दुकान चलाकर उनका पालन-पोषण किया।
उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 1, 2026
दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं - उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं।
वे नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है।
संघ परिवार… pic.twitter.com/c1D4VHV5XO