संघर्ष से सेवा तक?, जरूरतमंद लोगों के लिए उम्मीद की किरण...
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 3, 2026 14:40 IST2026-03-03T14:39:57+5:302026-03-03T14:40:53+5:30
भावना के साथ वर्ष 2002 में समाज सेवा की शुरुआत की गई। पहला सेवा कार्य अंबाला जिले में आई बाढ़ के दौरान किया गया।

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अंबालाः अंबाला जिले के छोटे से गांव नकटपुर, पूआध क्षेत्र में जन्मे पंजाबी गायक रेशम सिंह अनमोल, डॉ निर्मल सिंह अनमोल और एडवोकेट सरवन सिंह की कहानी संघर्ष, संकल्प और समाज सेवा की एक जीवंत मिसाल है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में पले-बढ़े इन तीनों भाइयों ने आज एक ऐसा गैर-सरकारी संगठन (NGO) खड़ा किया है, जो जरूरतमंद लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है। गांव नकटपुर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित है। उस समय गांव में न तो पक्की सड़कें थीं और न ही बिजली की सुविधा।
जब पिता का साया परिवार के सिर से उठा, उस वक्त निर्मल सिंह मात्र पांच वर्ष के थे, रेशम सिंह अनमोल ढाई वर्ष के और सरवन सिंह केवल चार महीने के थे। इतनी कम उम्र में पिता का साया उठ जाने से परिवार को गंभीर आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।संघर्षों के बीच पले इन भाइयों ने अभाव और पीड़ा को बहुत करीब से महसूस किया।
यही अनुभव आगे चलकर उनके जीवन की सोच का आधार बना। उन्होंने तय किया कि जिस दर्द और संघर्ष से वे गुज़रे हैं, वही स्थिति किसी और बच्चे या परिवार को न झेलनी पड़े। इसी भावना के साथ वर्ष 2002 में समाज सेवा की शुरुआत की गई। पहला सेवा कार्य अंबाला जिले में आई बाढ़ के दौरान किया गया।
धीरे-धीरे यह सेवा कार्य संगठित रूप लेता गया और आगे चलकर इसे एक NGO के रूप में स्थापित किया गया, जिसे आज ‘अनमोल सेवा फाउंडेशन’ के नाम से जाना जाता है। यह NGO आपदा राहत, राशन वितरण, चिकित्सा सहायता, शिक्षा सहयोग, जरूरतमंद बेटियों के विवाह, तथा आपातकालीन सेवाओं में लगातार सक्रिय रहा है।
जब भी समाज में बाढ़, भूकंप या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति बनी, संस्था की टीम ज़मीनी स्तर पर पहुंचकर सहायता कार्यों में जुटी रही। विशेष रूप से बाढ़ राहत अभियानों के दौरान किए गए कार्यों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिससे संस्था की पहचान और विश्वसनीयता और मजबूत हुई।
अनमोल सेवा फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य उन कमजोर और वंचित वर्गों तक मदद पहुंचाना है, जहां तक सरकारी सहायता समय पर नहीं पहुंच पाती। साल 2023 और 2025 में पंजाब, हरियाणा और हिमाचल में आई बाढ़ के दौरान NGO की टीम ने पहले दिन से ही मोर्चा संभाला। नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया,
प्रभावित परिवारों तक राशन और जरूरी सामग्री पहुंचाई गई, खेतों से रेत हटाकर उन्हें फिर से खेती योग्य बनाया गया और जिन गरीब परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हो गए थे, उनके लिए नए घरों के निर्माण का कार्य भी शुरू किया गया। लगातार किए जा रहे इन सेवा कार्यों से प्रेरित होकर ‘अनमोल सेवा फाउंडेशन’ आज केवल एक संस्था नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए भरोसे का नाम बन चुका है। तीनों भाइयों का मानना है कि यदि उनके प्रयास से किसी भी बच्चे या परिवार का जीवन बेहतर बन सकता है, तो वही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।