बोरे में चावल के साथ कचरा भी निकला, एफडीओ का फोन बंद, गोदाम से चलने वाली गाड़ियों की मनमानी

By वसीम क़ुरैशी | Updated: April 13, 2026 11:08 IST2026-04-13T11:07:57+5:302026-04-13T11:08:43+5:30

केंद्र सरकार द्वारा 3 मार्च 2026 को राज्य सरकार को तीन माह का अनाज 30 अप्रैल तक वितरित करने का आदेश दिया गया था.

nagpur Garbage found sack along rice FDO's phone switched off vehicles running from the warehouse were acting arbitrarily | बोरे में चावल के साथ कचरा भी निकला, एफडीओ का फोन बंद, गोदाम से चलने वाली गाड़ियों की मनमानी

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Highlightsअनाज लाभार्थियों को वितरित किए जाने का काम ही शुरू नहीं हो पाया था.  ‘कचरे भरे चावल’ का मामला केवल लाल गोदाम से जुड़ा हुआ है.निवाला कोई जिम्मेदार अधिकारी खाकर बता सकता है? ये सवाल भी उठ रहा है.

नागपुर: शहर की सरकारी राशन दुकानों में करीब तीन दिन पहले पहुंचाए गए चावल के बोरों में से कई बोरों में मिट्टी, टुकड़ा और कचरे भरा चावल पहुंचा है. ये चावल लेना तो दूर इसे शायद कोई देखना भी पसंद नहीं करेगा. चर्चा है कि ये माल गोदाम के फर्श की सफाई के बाद समेटा गया माल है. सूत्रों के अनुसार मिट्टी और कचरे से ऐसे चावल के कुछ बोरे कामठी रोड स्थित लाल गोदाम से ही निकले हैं. तीन दिन पहले ही इस माल की सप्लाई की गई है. केंद्र सरकार द्वारा 3 मार्च 2026 को राज्य सरकार को तीन माह का अनाज 30 अप्रैल तक वितरित करने का आदेश दिया गया था.

अप्रैल माह की 9 तारीख की दोपहर तक अनाज लाभार्थियों को वितरित किए जाने का काम ही शुरू नहीं हो पाया था. बताया जा रहा है कि शहर सीमा की राशन दुकानों में तीन गोदामों से वितरित होने वाले माल में ‘कचरे भरे चावल’ का मामला केवल लाल गोदाम से जुड़ा हुआ है.

इस समस्या को लेकर चर्चा के लिए जब एफडीओ विनोद काले से रविवार की शाम दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उनका फोन स्विच ऑफ बता रहा था. मिट्टी व कचरे भरे इस चावल को पकाए जाने के बाद क्या इसका एक निवाला कोई जिम्मेदार अधिकारी खाकर बता सकता है? ये सवाल भी उठ रहा है.

बने हुए हैं ये सवाल

गोदाम में लिफ्टिंग अधिकारी व प्रबंधक को ये शिकायत मिली या नहीं, ये शिकायत आला अधिकारी तक क्यों नहीं भेजी गई?

गाड़ी वाले भी ऐसी शिकायतों को ऊपर तक क्यों नहीं पहुंचाते?

चावल की गुणवत्ता की जांच में कहां गड़बड़ी हुई?

राशन दुकानों को ऐसा घटिया चावल क्यों पहुंचाया जा रहा है?

ऑल महाराष्ट्र फेयर प्राइस शॉपकीपर फेडरेशन के कार्याध्यक्ष संजय पाटिल ने कहा कि गाड़ी वाले, माल गिनकर नहीं देते. ये कोई बात सुनने को ही तैयार नहीं होते. लाभार्थियों का सामना केवल राशन दुकानदारों को ही करना पड़ता है. खराब चावल के ये बोरे बचे रह गए तो हम इनका क्या करेंगे.

राशन दुकानदार संघ, नागपुर के अध्यक्ष सुभाष मुसले ने कहा किखराब माल मिलने पर लाभार्थी राशन दुकानदार से सवाल करते हैं. राशन पहुंचाए गए माल का बोरा लाभार्थियों के सामने ही खोला जाता है. इस बार आए चावल में मिट्टी, कचरे के साथ टुकड़ा भी अधिक है.

Web Title: nagpur Garbage found sack along rice FDO's phone switched off vehicles running from the warehouse were acting arbitrarily

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