'लापता' नीतीश कुमार के पूरे पटना में लगाए गए पोस्टर, लिखा है- 'ध्यान से देखिए इस चेहरे को...'

By पल्लवी कुमारी | Updated: December 17, 2019 12:22 IST2019-12-17T12:22:34+5:302019-12-17T12:22:34+5:30

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। विरोध कर रहे विपक्षियों का कहना है कि नागरिकता कानून देश के संविधान के खिलाफ है। 

'Missing' posters of CM Nitish Kumar put up across the city Patna Bihar viral CAA | 'लापता' नीतीश कुमार के पूरे पटना में लगाए गए पोस्टर, लिखा है- 'ध्यान से देखिए इस चेहरे को...'

'लापता' नीतीश कुमार के पूरे पटना में लगाए गए पोस्टर, लिखा है- 'ध्यान से देखिए इस चेहरे को...'

Highlightsबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह विरोध राजद द्वारा किया जा रहा है।इस पोस्टर वॉर पर फिलहाल  जेडीयू की ओर से कोई अधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'लापता' होने  के पोस्टर पूरे पटना में लगाए गए हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ये पोस्टर विपक्षियों द्वारा विरोध में लगाए गए हैं। पोस्टर में लिखा है, 'ध्यान से देखिए इस चेहरे को कई दिनों से ना दिखाई दिया है...ना सुनाई। ढूंढने वालों का बिहार सदा आभारी रहेगा।' वहीं एक पोस्टर में लिखा गया है- अंधा मुख्यमंत्री। 

एक पोस्टर पर लिखा है कि अदृश्य मुख्यमंत्री जो पांच वर्ष में सिर्फ एकदिन शपथ ग्रहण के समय दिखाई देते हैं। नीतीश कुमार का यह विरोध राजद द्वारा किया जा रहा है। राजद लगातार उनके ऊपर हमलावर है। जेडीयू ने नागरिकता संशोधन विधेयक का संसद में समर्थन किया था। हालांकि इस बात को लेकर उनकी पार्टी में ही मतभेद था। जेडीयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने भी नागिरकता संशोधन एक्ट का भी विरोध किया था। हालांकि इस पोस्टर वॉर पर फिलहाल  जेडीयू की ओर से कोई अधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। 

देखें लोगों की प्रतिक्रिया

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। विरोध कर रहे विपक्षियों का कहना है कि नागरिकता कानून देश के संविधान के खिलाफ है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 12 दिसंबर को नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 को अपनी मंजूरी दे दी, जिसके बाद यह एक कानून बन गया है। एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही यह कानून लागू हो गया है। इस कानून के अनुसार हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के जो सदस्य 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हैं और जिन्हें अपने देश में धार्मिक उत्पीड़न का सामना पड़ा है, उन्हें गैरकानूनी प्रवासी नहीं माना जाएगा, बल्कि भारतीय नागरिकता दी जाएगी।

Web Title: 'Missing' posters of CM Nitish Kumar put up across the city Patna Bihar viral CAA

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