जूली के बाह 'जानू' की एंट्री?, 72 वर्ष की उम्र में फिर प्यार में लव गुरु मटुकनाथ, मैं आपको प्यार के बदले प्यार दूं?
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 20, 2026 17:47 IST2026-02-20T17:45:56+5:302026-02-20T17:47:04+5:30
Matuknath Choudhary Love Story: मटुकनाथ उसकी साहित्यिक रचनाओं को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उन पर सार्वजनिक या निजी तौर पर टिप्पणियां करें।

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पटनाः बिहार में लव गुरू के नाम से प्रसिद्ध हो चुके पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मटुकनाथ चौधरी एक बार फिर से प्यार की पींगे बढाने लगे हैं। दरअसल, मटुकनाथ साल 2006 में अपनी छात्रा जूली के साथ प्रेम संबंधों को लेकर देशभर की सुर्खियों में थे। लेकिन 72 वर्ष की उम्र में उनकी जिंदगी में जूली की विदाई के बाद अब एक रहस्यमयी 'जानू' की एंट्री हुई है। मटुकनाथ ने सोशल मीडिया पर अपनी इस नई और अजीबोगरीब प्रेम कहानी का खुलासा किया है। मटुकनाथ ने फेसबुक पर एक भावुक और व्यंग्यात्मक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि एक महिला उनसे प्रेम का दावा कर रही है, लेकिन उसकी शर्त बेहद अनोखी है। वह महिला चाहती है कि मटुकनाथ उसकी साहित्यिक रचनाओं को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उन पर सार्वजनिक या निजी तौर पर टिप्पणियां करें।
इस पर प्रोफेसर ने चुटकी लेते हुए सवाल उठाया कि क्या यह प्रेम है या ड्यूटी? उन्होंने लिखा कि "मैं सोचता हूं कि प्रेम के बदले प्रेम होना चाहिए, लेकिन यहां प्रेम के बदले रचनाएँ पढ़ने का सौदा हो रहा है।" इस प्रेम कहानी में मोड़ तब आया जब मटुकनाथ ने इस 'ड्यूटी' को निभाने से इनकार कर दिया।
मटुकनाथ के मना करने पर उस महिला ने उन्हें 'मुंहतोड़' जवाब देते हुए कहा कि "आप किस लायक हैं कि मैं आपको प्यार के बदले प्यार दूं? आप जिस लायक हैं, वही काम आपसे लूंगी। आप पढ़-लिख सकते हैं, बस वही कीजिए।" महिला ने तीखा प्रहार करते हुए यहां तक कह दिया कि मटुकनाथ केवल 'प्यास' जगा सकते हैं, बुझा नहीं सकते।
इस बात ने 72 वर्षीय 'लव गुरु' के स्वाभिमान को झकझोर कर रख दिया अपमानित महसूस करने के बाद मटुकनाथ ने उस महिला को भूलने की कोशिश शुरू की, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। उन्होंने बताया कि जब वे अकेले बैठकर अपने दर्द की दवा तलाश रहे थे, तभी अचानक उसी महिला का फोन आया और उसने बड़े प्यार से पूछा- "मुझसे नाराज हो जानू?"
मटुकनाथ लिखते हैं कि इस एक 'जानू' शब्द को सुनते ही उनकी जान में जान आ गई। मुरझाया हुआ मन एक बार फिर खिल उठा और उन्होंने हार मानकर उसकी सभी शर्तें स्वीकार कर लीं। मटुकनाथ ने अपनी पोस्ट के अंत में स्वीकार किया कि वे अब उस महिला की रचनाएं भी पढ़ेंगे और टिप्पणियां भी करेंगे,
ताकि कम से कम इस बहाने उनसे जुड़ाव बना रहे। उम्र के इस पड़ाव पर मटुकनाथ की यह बेबाकी एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लोग उनकी इस 'जिंदादिली' पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे बुढ़ापे का अकेलापन कह रहा है, तो कोई इसे 'लव गुरु' का सिग्नेचर स्टाइल मान रहा है।