लाइव न्यूज़ :

सड़क किनारे झोपड़ी में रहते थे बुजुर्ग दंपति, ऑफिसर ने पूरा किया वर्षों का सपना

By वैशाली कुमारी | Updated: September 15, 2021 20:00 IST

उनका अपना घर नहीं था इसीलिए वो नेशनल हाईवे 66 के पास अपनी झोपड़ी बनाकर रहते हैं। उनका घर का सपना तब सच हुआ जब रेवेन्यू ऑफिसर्स वहां आए और उन्होंने उन्हें प्लॉट देने के प्रक्रिया शुरू कर दी।

Open in App
ठळक मुद्दे15 वर्षों से झोपड़ी में रह रहे थे विकलांग पति-पत्नी अपने नाम प्लॉट होने की खुशी में दंपति के आंखों में आसू

रोटी कपड़ा और मकान, आज के जमाने में इन तीनों जरूरी चीजों का होना ही सुख की सबसे बड़ी निशानी है। मगर दुनियां में बहुत से लोग ऐसे हैं जिनमें से किसी के पास घर है तो कपड़ा नहीं है रोटी है तो मकान नहीं है और कुछ तो ऐसे भी हैं जिनके पास इनमें से तीनों ही नहीं है।

शुक्र मनाइए की कभी कभी रोटी मिल जाती है तो कभी कपड़ा, लेकिन इस मकान का क्या करें ये तो कोई छोटी चीज नहीं जिसे कोई भीख में दे जाए या दान दे जाए। आज भी देश दुनियां में ऐसे लोग हैं जिन्हें एक छत नसीब नहीं है और वे खुले आसमान या फिर तंग झोपड़ियों में अपनी जिंदगी काट रहे हैं।

सोचिए कैसा रहेगा की कोई इंसान सालों से टूटी फूटी झोपड़ी में रहता हो और अचानक से उन्हें उनके नाम से प्लॉट दिया जाए? अब आप कहेंगे कि ये फिल्मों में होता है, लेकिन ये सच है। कुछ ऐसा हो हुआ राजन और उनकी पत्नी मैमुना के साथ और अब पंद्रह साल झोपड़ी में बिताने के बाद दोनों के आंख के सामने उनका सपनों का घर तैयार होने जा रहा है।

केरल के कसारगोड में राजन और उनकी पत्नी मैमुना बीते कई वर्षों से झोपड़ी में रह रहे थे। उनका अपना घर नहीं था इसीलिए वो नेशनल हाईवे 66 के पास अपनी झोपड़ी बनाकर रहते हैं। उनका घर का सपना तब सच हुआ जब रेवेन्यू ऑफिसर्स वहां आए और उन्होंने उन्हें प्लॉट देने के प्रक्रिया शुरू कर दी।

मंगलवार को जिले में 589 ऐसे लोगों को सरकारी स्कीम के तहत प्लॉट दिए गए हैं जो जरूरतमंद थे। केरल लैंड असाइनमेंट रूल के तहत ये प्लॉट आवंटित किए गए हैं।

रिपोर्ट्स की माने तो मंगलवार को कनहानगड़ नगरपालिका चेयरपर्सन के वी सुजाथा वहां पहुंचे। उन्होंने उन्हें मदीकई गांव में 10 सेंट का प्लॉट दिया। राजन ने कहा, ‘ऐसा पहली बार हो रहा है जीवन में, जब हमारे नाम कोई प्लॉट हुआ हो।’ वे दोनों 15 वर्ष पहले आलप्पुझा से कसारगोड काम की तलाश में आए थे। बता दें कि दोनों ही विकलांग हैं। राजन कहते हैं कि अपने नाम पर जमीन होना एक सपना ही था।

अपने नाम प्लॉट होने की खुशी में दंपति के आंखों में आसू थे और सरकार के प्रति कृतज्ञता का भाव था। वाकई अपना घर अपना ही होता है भले ही छोटा हो या बड़ा मगर घर तो घर ही होता है।

टॅग्स :वायरल वीडियोकेरल
Open in App

संबंधित खबरें

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

ज़रा हटकेमेरठ के रिटायर्ड जज ने ढोल-नगाड़ों के साथ मनाया बेटी के तलाक़ का जश्न, परिवार ने किया भव्य स्वागत | Video

क्राइम अलर्टयूपी के मदरसे में शिक्षकों ने 10 साल के बच्चे को पीटा, एक ने उसे पकड़कर रखा, दूसरे ने डंडे से मारा, VIDEO

ज़रा हटकेVIRAL: बुलडोजर पर सवार होकर पहुंची विधायक, वायरल हुआ अनोखा अंदाज

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

ज़रा हटके अधिक खबरें

ज़रा हटकेVIDEO: फर्रुखाबाद में दिल दहला देने वाला हादसा, Thar से दबकर बुजुर्ग महिला की मौत

ज़रा हटकेVIDEO: 30 सेकंड में 36 कोड़े से वार; यूपी के मदरसे में 10 साल के मासूम की पिटाई, फुटेज देख कांप जाएंगे आप

ज़रा हटके'चिंकी-मोमो', 'चाइनीज' कहकर किया अपमान, अरुणाचल से आई डांस टीम के साथ पटना में बदसलूकी; VIDEO वायरल

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

ज़रा हटकेपटना स्थित राज्य महिला आयोग के दफ्तर में प्रेमी जोड़े ने की शादी, लड़के ने आयोग के सदस्यों की मौजूदगी में लड़की की मांग भरी