रघुबर दास को तानाशाह और मोदी की कठपुतली बताकर ट्रोल हुए आशुतोष, यूजर ने कहा- ऐसे शब्द आप जैसे पत्रकार को शोभा नहीं देते
By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: December 24, 2019 14:12 IST2019-12-24T14:11:07+5:302019-12-24T14:12:50+5:30
विशाल रंजन नाम के यूजर ने लिखा, ''रघुबर अंकल हार गए, कांग्रेस प्लस जीत गया यह अलग बात है लेकिन रघुबर अंकल ने झारखंड का बहुत सारा बड़ा मुद्दा हल कर दिया.. वो अच्छे सीएम थे..।''

पत्रकार आशुतोष की फाइल फोटो।
झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर तमाम प्रतिक्रियाओं के बीच पत्रकार और पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) नेता आशुतोष ट्वीट कर ट्रोल हो रहे हैं। आशुतोष ने एक खबर का लिंक साझा करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री रहे रघुबर दास को तानाशाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संज्ञा देते हुए सवाल किया है।
आशुतोष ने ट्वीट में लिखा, ''झारखंड: जनता के लिये तानाशाह और मोदी की कठपुतली थे रघुबर दास? कैसे?''
झारखंड: जनता के लिये तानाशाह और मोदी की कठपुतली थे रघुबर दास ? कैसे ? @SatyaHindi@narendramodi@HemantSorenJMM@SinghRPN@INCIndia@JhaSanjay@SanjayAzadSln@BJP4India#JharkhandElectionResults#Jharkhandhttps://t.co/tsvg2o3GF2
— ashutosh (@ashutosh83B) December 24, 2019
आशुतोष के इस ट्वीट पर टिंकू शर्मा नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, ''कठपुतली जैसे शब्द आप जैसे पत्रकार को शोभा नहीं देते।''
कठपुतली जैसे शब्द आप जैसे पत्रकार को शोभा नही देता,
— Tinku Sharma (@TinkuSh28167274) December 24, 2019
पीतांबर दत्त शर्मा नाम के यूजर ने लिखा, ''अपने बारे में भी कुछ बताइए न प्रभु!''
अपने बारे में भी कुछ बताइए न प्रभु !
— Pitamber Dutt Sharma सब की खबर ले,सब को खबर दे! (@PitamberDuttSh7) December 24, 2019
विशाल रंजन नाम के यूजर ने लिखा, ''रघुबर अंकल हार गए, कांग्रेस प्लस जीत गया यह अलग बात है लेकिन रघुबर अंकल ने झारखंड का बहुत सारा बड़ा मुद्दा हल कर दिया.. वो अच्छे सीएम थे..।''
Raghubar Uncle har gayye Congress+ jeet gaya yeah alag baat hai But Raghubar Uncle ne Jharkhand ka bahut Sara big issue solve kar diya tha..Woh ek achhe CM thee..
— VISHAL RANJAN (@VISHALR01288717) December 24, 2019
एक यूजर ने आशुतोष को चाटुकारिता न करने तक की सलाह दे डाली।
आशुतोष जी ,जो तानाशाह होगा वो कभी किसी का कठपुतली नहीं होगा और जो कठपुतली होगा वो तानाशाह कभी भी नहीं हो सकता।दोनों शब्द परस्पर एक दूसरे का विरोधाभास है।कम से कम पत्रकार के भेष में किसी पार्टी का चाटुकारता मत कीजिए।
— राघवेन्द्र मिश्र (@IndianRKMishra) December 24, 2019
बता दें कि सोमवार (23 दिसंबर) को झारखंड विधानसभा की सभी 81 सीटों के चुनाव परिणाम घोषित किए गए। यहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व में बने झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन ने 47 सीटें जीत कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। चुनाव में बीजेपी को 25 सीटें हासिल हुईं। वहीं, कांग्रेस को 16 और राजद को एक सीट मिली।
चुनाव में सीएम रहे रघुबर दास जमशेदपुर पूर्व सीट से अपनी कैबिनेट के साथी रहे सरयू राय से हार गए। सरयू राय ने टिकट ने मिलने पर बागी रुख अख्तियार कर लिया था और रघुबर दास के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में ताल ठोक दी थी।
खबर है कि झामुमो नेता हेमंत सोरेन ने 27 दिसंबर को यहां कि मोरहाबादी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।